Illegal Vending Indian Railways : बुरहानपुर/खंडवा। रेल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला रेल प्रशासन बुरहानपुर-खंडवा रेलखंड पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। भुसावल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इन स्टेशनों और ट्रेनों में इन दिनों अवैध वेंडरों की जबरदस्त भरमार है। प्लेटफॉर्म से लेकर चलती ट्रेनों के डिब्बों तक सैकड़ों वेंडर बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से सामान बेच रहे हैं, लेकिन मौके पर तैनात आरपीएफ (RPF) की चुप्पी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, खंडवा और बुरहानपुर स्टेशनों पर वर्तमान में लगभग 600 से अधिक अवैध वेंडर सक्रिय हैं। ये वेंडर न केवल यात्रियों से मनमाना दाम वसूलते हैं, बल्कि गुणवत्ता-हीन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य सामग्री भी बेच रहे हैं। गंभीर विषय यह है कि जिन कंपनियों के उत्पादों पर रेलवे ने प्रतिबंध लगा रखा है, वे उत्पाद भी इन वेंडरों के माध्यम से खुलेआम बेचे जा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि वेंडरों के शोर-शराबे और मनमानी से सफर करना दूभर हो गया है।
हैरानी की बात यह है कि आरपीएफ थाने और जवानों की मौजूदगी के बावजूद यह अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है। भुसावल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम को समय-समय पर वीडियो और फोटो के साथ शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस धरातलीय कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। इस अव्यवस्था को लेकर हाल ही में बुरहानपुर दौरे पर आए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
सांसद पाटिल ने कहा, “रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में अवैध वेंडिंग यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए एक बड़ा खतरा है। मैं इस गंभीर मामले को भुसावल के डीआरएम और आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाऊंगा। यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जल्द ही सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
अब देखना यह होगा कि सांसद की चेतावनी के बाद क्या रेल प्रशासन नींद से जागता है, या फिर यात्री इसी तरह अवैध वेंडरों की मनमानी और असुरक्षित भोजन का शिकार होते रहेंगे।













