इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हाल ही में सामने आई समस्याओं के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और इंदौर प्रभारी अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने इलाके का दौरा करने के बाद रेसीडेंसी कोठी पर जनप्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक शुरू की।
मंत्री, विधायक और नगर निगम के शीर्ष अधिकारी मौजूद
इस बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, इंदौर के महापौर, बीजेपी के स्थानीय विधायक, कलेक्टर और निगम आयुक्त भी शामिल हैं। बैठक को प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर समन्वित रणनीति तैयार करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
भागीरथपुरा की जमीनी स्थिति पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा भागीरथपुरा क्षेत्र में हालात को तेजी से सामान्य बनाना है। इसमें जल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और नागरिक सुविधाओं को लेकर ठोस सुधारात्मक कदमों पर चर्चा हो रही है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में तालमेल की कोशिश
हाल के घटनाक्रम के बाद सरकार यह संदेश देना चाहती है कि समस्या की जड़ तक पहुंचकर समाधान किया जाएगा। यही कारण है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और अब जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर फील्ड रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।
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स्थायी समाधान की दिशा में रणनीति
बैठक में अल्पकालिक राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में भागीरथपुरा जैसे हालात दोबारा न बनें। अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट, समय-सीमा और जवाबदेही तय करने पर भी चर्चा संभव है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
इस उच्चस्तरीय बैठक से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार शहरी व्यवस्थाओं को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती और नागरिकों की सुरक्षा व सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।









