Tuesday, August 18, 2026
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M.P News : सैलरी से ज्यादा रेंट इनकम! चर्चा में M.P कैडर के वरिष्ठ IPS, कई अफसर ‘धन-कुबेर’

भोपाल: मध्यप्रदेश कैडर के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को सौंपे गए वार्षिक संपत्ति विवरण में सामने आया है कि कुछ अधिकारी अपनी सैलरी से अधिक आय किराए और अचल संपत्तियों से अर्जित कर रहे हैं। इस खुलासे ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

नियमों के तहत सभी आईपीएस अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण केंद्र सरकार को देना अनिवार्य होता है। हाल ही में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति मौजूद है, जिनसे उन्हें नियमित किराया आय भी प्राप्त हो रही है।

अजय शर्मा सबसे अधिक संपत्ति वाले अधिकारियों में शामिल

पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अजय शर्मा की कुल संपत्ति लगभग 11 करोड़ 65 लाख रुपये बताई गई है। उन्हें हर महीने करीब 3 लाख 80 हजार रुपये किराया प्राप्त होता है। भोपाल और दिल्ली सहित अन्य शहरों में भी उनकी अचल संपत्तियां दर्ज हैं।

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अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति का विवरण

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपेंद्र जैन के पास लगभग 8 करोड़ 39 लाख रुपये की संपत्ति बताई गई है। इंदौर, बड़वाह और भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में उनकी अचल संपत्तियां मौजूद हैं।वहीं जेल महानिदेशक वरुण कपूर के पास करीब 8 करोड़ 43 लाख रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है, जिससे उन्हें सालाना लगभग 5 लाख 12 हजार रुपये किराया मिलता है।

एडीजी एससीआरबी जयदीप प्रसाद की चल संपत्ति करीब 5 करोड़ 32 लाख रुपये बताई गई है। रांची, हजारीबाग, भोपाल, सीहोर और गुरुग्राम जैसे शहरों में उनकी संपत्तियां हैं, जिनसे उन्हें हर साल लगभग 74 लाख रुपये की आय होती है।इसके अलावा महिला शाखा के स्पेशल डीजी अनिल कुमार के पास करीब 4 करोड़ 81 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज की गई है।

पारदर्शिता व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति का सार्वजनिक खुलासा प्रशासनिक पारदर्शिता की प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है, लेकिन इतनी बड़ी अचल संपत्तियों और किराया आय को लेकर शासन व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल भी उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति विवरण की नियमित जांच और सत्यापन से ही पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।

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