High Security Registration Plate : रायपुर। छत्तीसगढ़ में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने की प्रक्रिया पिछले 10 महीनों में बुरी तरह से पिछड़ गई है, जिस पर ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ की कहावत बिल्कुल फिट बैठती है। राज्य शासन के निर्देशों के बावजूद, प्रदेश के 80 फीसदी से अधिक वाहनों में अभी तक HSRP नहीं लग पाई है।
High Security Registration Plate : परिवहन विभाग ने HSRP लगवाने के लिए 30 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। अब यह समय सीमा समाप्त हो रही है और 1 अक्टूबर से पुलिस ऐसे सभी वाहनों पर ₹1000 का चालान काटना शुरू कर देगी, जिनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होगी।
HSRP की धीमी रफ्तार
राज्य में कुल 52 लाख 48 हजार 478 वाहन पंजीकृत हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से अब तक केवल 7 लाख 31 हजार वाहनों में ही HSRP लग पाई है। यह कुल वाहनों का सिर्फ 14 प्रतिशत है। यानी, 45 लाख से ज्यादा वाहन अभी भी HSRP के बिना चल रहे हैं।
रायपुर जिले में भी स्थिति चिंताजनक है। यहाँ 13 लाख 34 हजार गाड़ियों में से महज 2 लाख 36 हजार गाड़ियों में ही यह प्लेट लगाई जा सकी है।
सड़क पर रोककर भरवाए गए फॉर्म
जानकारी के अनुसार, जिन 7.31 लाख वाहनों में प्लेट लगी है, उनमें से लगभग 30 फीसदी प्लेट्स तब लग पाईं जब आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने सड़कों पर वाहन चालकों को रोक-रोककर HSRP के लिए फॉर्म भरवाए। इससे स्पष्ट होता है कि नागरिकों ने खुद से यह काम करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई।
स्क्रैप पॉलिसी में भी विभाग पिछड़ा
परिवहन विभाग केवल HSRP लगाने में ही नहीं, बल्कि 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने में भी पिछड़ता दिख रहा है।
- छत्तीसगढ़ में 6 हजार से अधिक पंजीकृत वाहन 15 साल पुराने हैं, जिन्हें स्क्रैप करने के निर्देश हैं।
- रायपुर के धनेली में 2 करोड़ की लागत से स्क्रैप प्लांट बनाया गया है, लेकिन यहाँ अब तक सिर्फ 1 हजार वाहनों को ही स्क्रैप किया जा सका है, जबकि 600 से ज्यादा वाहन स्क्रैप होने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
परिवहन विभाग की इस सुस्ती का खामियाजा अब वाहन मालिकों को भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि 1 अक्टूबर से पुलिस सख्त कार्रवाई के मूड में है। चालान काटने के साथ ही, मौके पर HSRP के लिए फॉर्म भी भरवाया जाएगा।











