निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर अवैध वसूली और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। जीआरपी नैरोगेज थाना पुलिस पर दो फूड वेंडरों के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
वेंडरों का आरोप: पैसे नहीं देने पर की गई पिटाई
घायल वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह का कहना है कि वे R.K. कंपनी के जरिए बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में खाना सप्लाई करने जा रहे थे। उनके पास IRCTC का वैध पहचान पत्र भी था। इसके बावजूद जीआरपी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और कथित रूप से पैसे की मांग की।
वेंडरों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से उन पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था। मना करने पर पुलिसकर्मियों ने बेल्ट, लात-घूंसों से उनकी पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पुलिस का पक्ष: नियम तोड़ने पर हुई कार्रवाई
वहीं, इस मामले में पुलिस का पक्ष पूरी तरह अलग है। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार दोनों युवक रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में तेज रफ्तार से बाइक चला रहे थे। रोकने पर उन्होंने बहस और हाथापाई की, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया और उन्हें थाने लाया गया।
पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप
गौरतलब है कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर वेंडरों से अवैध वसूली के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, अब तक इस पर कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं होने से वेंडरों में असंतोष बना हुआ है।
जांच के आदेश, कार्रवाई का भरोसा
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।











