जीएसटी का ‘धमाका : मोदी सरकार ने देश के टैक्स सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करते हुए GST के पुराने ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। नए बदलाव के तहत अब सिर्फ दो ही मुख्य टैक्स स्लैब होंगे – 5% और 18%। सरकार ने 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर दिया है। यह नया टैक्स स्ट्रक्चर 22 सितंबर से लागू हो जाएगा। सरकार का यह कदम जहां आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगा, वहीं इसका मकसद हानिकारक उत्पादों की खपत को कम करना भी है।
जीएसटी का ‘धमाका : क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा?
सस्ती हुई चीजें:
- दैनिक जरूरतें: रोटी, दूध और पनीर को पूरी तरह से टैक्स-फ्री कर दिया गया है। इससे आम आदमी के किचन का बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा।
- स्वास्थ्य सेवाएं: हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा, 33 जीवन रक्षक दवाएं, दुर्लभ और गंभीर बीमारियों की दवाएं भी टैक्स-फ्री होंगी।
- वाहन: नए रिफॉर्म के तहत, ज्यादातर कारों और दोपहिया वाहनों पर लगने वाला टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे इनकी कीमतों में करीब 10% की कटौती होगी।
- इलेक्ट्रॉनिक सामान: टीवी और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी सस्ते होंगे, क्योंकि इन पर अब 18% की दर से जीएसटी लगेगा।
महंगी हुई चीजें:
- सिगरेट और तंबाकू उत्पाद: सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों को ‘सिन गुड्स’ की कैटेगरी में रखते हुए इन पर 40% जीएसटी लगाया गया है। इससे इनकी कीमतें सीधे तौर पर बढ़ेंगी। उदाहरण के लिए, एक सिगरेट का पैकेट जो अभी 256 रुपये का है, वो अब 280 रुपये का हो जाएगा।
- फास्ट फूड और शुगरी ड्रिंक्स: फास्ट फूड और मीठे शुगरी ड्रिंक्स पर भी 40% टैक्स लगेगा। सरकार का मानना है कि ये चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, इसलिए इन पर टैक्स बढ़ाकर इनकी खपत को कम करने की कोशिश की जा रही है।
टैक्स सिस्टम हुआ आसान
जीएसटी काउंसिल ने इस बदलाव को टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। 12% और 28% के स्लैब खत्म होने से अब ज्यादातर वस्तुएं या तो 5% या 18% के दायरे में आ जाएंगी, जिससे लोगों के लिए टैक्स को समझना आसान हो जाएगा। हालांकि, सरकार का यह फैसला एक तरफ जहां मध्यम वर्ग के लिए कुछ चीजों को सस्ता करेगा, वहीं ‘सिन गुड्स’ पर टैक्स बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने का भी एक तरीका है।













