रायपुर/नई दिल्ली: GST से जुड़े अपील मामलों के शीघ्र और प्रभावी निपटारे की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। GST अपीलीय ट्रिब्यूनल (GSTAT) के लिए नियुक्त सदस्यों की बेंच-वार पोस्टिंग को लेकर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश Office Order No. 03/2025, दिनांक 26 दिसंबर 2025 को जारी किया गया है।
इस आदेश के तहत देश के विभिन्न राज्यों में गठित GSTAT बेंचों में Technical Member (Centre), Technical Member (State) और Judicial Members की तैनाती तय की गई है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए भी बेंच संरचना को अंतिम रूप दे दिया गया है।
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रायपुर GSTAT बेंच (छत्तीसगढ़)
रायपुर बेंच में केंद्र सरकार ने अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
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सतीश कुमार अग्रवाल – Technical Member (Centre)
1988 बैच के IRS (Customs & Indirect Taxes) अधिकारी सतीश कुमार अग्रवाल को लगभग 34 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। वे MNIT से सिविल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं और GATE परीक्षा में ऑल इंडिया टॉप-30 में स्थान प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने Central Excise, Enforcement Directorate और पर्यावरण मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दी हैं। -
प्रदीप कुमार व्यास – Judicial Member
मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे प्रदीप कुमार व्यास 1988 में सेवा में शामिल हुए थे। वे जिला न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुके हैं और MP Commercial Tax Appellate Board में भी Judicial Member रह चुके हैं।
भोपाल GSTAT बेंच (मध्यप्रदेश)
भोपाल बेंच में भी न्यायिक और तकनीकी अनुभव का संतुलन देखने को मिलता है।
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राजू आहूजा – Technical Member (Centre)
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न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रूपेश चंद्र वर्मा – Judicial Member
वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और लंबा न्यायिक अनुभव रखते हैं। -
उपेंद्र कुमार सिंह – Judicial Member
पूर्व प्रधान जिला न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
21 जनवरी 2026 से कार्यभार ग्रहण
आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी नियुक्त सदस्य 21 जनवरी 2026 को अपनी-अपनी बेंच में कार्यभार ग्रहण करेंगे। GSTAT के सक्रिय होने से टैक्स विवादों के निपटारे में तेजी आएगी और व्यापारियों को हाईकोर्ट जाने की आवश्यकता कम होगी।
डिस्क्लेमर
कुछ सदस्यों की शैक्षणिक एवं सेवा संबंधी जानकारी सरकारी आदेश में विस्तार से उपलब्ध नहीं होती। उपरोक्त विवरण High Court, Department of Justice, CIC और अन्य सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित है।









