नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने FRK (Fortified Rice Kernel) चावल की मिक्सिंग पर रोक लगाने का अहम निर्णय लिया है। इस फैसले को देशभर के राइस मिलर्स ने राहत भरा कदम बताया है। लंबे समय से मिलर्स इस योजना से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे थे।
मंत्री स्तर पर उठाया गया था मुद्दा
कुछ माह पूर्व सांसद ब्रिजमोहन अग्रवाल के साथ Federation of All India Rice Mill Association के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात की थी। इस बैठक में FRK मिक्सिंग के कारण मिलर्स को हो रही समस्याओं से विस्तार से अवगत कराया गया था।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया था कि सरकार के पास पहले से पर्याप्त FRK स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में नए FRK की खरीदी का कोई औचित्य नहीं बनता। यदि पुराने स्टॉक में फोर्टिफिकेंट की अवधि समाप्त हो जाती है, तो नई खरीदी से सरकारी धन की अनावश्यक बर्बादी होगी।

पहले ही मिले थे सकारात्मक संकेत
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिया था कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही इस संबंध में बड़ा निर्णय लिया जाएगा। अब लिया गया फैसला उसी दिशा में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
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राष्ट्रीय स्तर पर स्वागत
इस विषय पर आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष तरसेम सैनी, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश अग्रवाल और चेयरमैन जी.बी. राव सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
देशभर के राइस मिलर्स ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। मिलर्स का कहना है कि पहले के निर्णय से उद्योग जगत में असमंजस और आर्थिक दबाव की स्थिति थी। अब यह फैसला मिलर्स के हित में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।











