Drug Kingpin Vinod Agarwal : मऊगंज। मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। मऊगंज पुलिस ने 60 हजार के इनामी ड्रग किंगपिन विनोद अग्रवाल को कानपुर जेल से रिमांड पर लेकर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस आरोपी ने ड्रग लाइसेंस की आड़ में 12 राज्यों में नशीली कफ सिरप का काला कारोबार फैला रखा था।
28 मार्च 2025 से शुरू हुई जांच की कड़ियाँ इस पूरे ऑपरेशन की नींव 28 मार्च 2025 को मऊगंज के गाड़ा मोड़ पर रखी गई थी, जब पुलिस ने एक बिना नंबर की कार से 2160 नशीली बोतलें बरामद की थीं। एसपी दिलीपा सोनी के निर्देशन में गठित एसआईटी ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो मऊगंज से शुरू हुआ यह सफर बनारस होते हुए कानपुर तक जा पहुँचा। जांच में जो तथ्य सामने आए, वे हैरान कर देने वाले थे।
350 फर्जी फर्मों का जाल मास्टरमाइंड विनोद अग्रवाल का नेटवर्क इतना शातिर था कि उसने अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए 350 से अधिक फर्जी फर्में (Paper Companies) खड़ी कर रखी थीं। इन फर्जी कंपनियों के आड़ में उसने 20 लाख से अधिक कोडीनयुक्त कफ सिरप की बोतलें देश के 12 राज्यों—दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित अन्य जगहों पर अवैध रूप से खपाईं।
हरियाणा से गिरफ्तारी, संपत्ति पर प्रहार आरोपी विनोद अग्रवाल पर मध्य प्रदेश में 10 हजार और उत्तर प्रदेश में 50 हजार का इनाम घोषित था। यूपी पुलिस ने उसे हरियाणा से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद मऊगंज पुलिस ने उसे कस्टडी में लिया। पुलिस ने अब तक उसके साम्राज्य की 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है।
इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है। मऊगंज पुलिस का यह ‘ऑपरेशन’ देश के कई राज्यों में फैले नशे के उस माफिया नेटवर्क की कमर तोड़ने में सफल रहा है, जो ड्रग लाइसेंस के नाम पर समाज में ‘मौत का सामान’ बेच रहे थे। पुलिस अभी गिरोह के अन्य सहयोगियों और नेटवर्क की गहरी जड़ों को खंगालने में जुटी है।










