Jodhpur Central Jail : जोधपुर सेंट्रल जेल में सुरक्षा में बड़ी सेंध: इफ्तार की फोटो वायरल होने के बाद छापेमारी, 13 मोबाइल फोन बरामद

VIKASH KHALKHO

Jodhpur Central Jail : जोधपुर। राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में उस समय हड़कंप मच गया जब जेल के भीतर से इफ्तार पार्टी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इस घटना ने न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जेल के भीतर चल रहे ‘डिजिटल नेटवर्क’ की पोल भी खोल दी है। घटना सामने आते ही प्रशासन ने जेल में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें 13 मोबाइल फोन बरामद किए गए।

कैसे पकड़ी गई लापरवाही?

जेल मुख्यालय के निर्देशानुसार, बंदियों के लिए रोजा इफ्तार के विशेष इंतजाम किए गए थे। हालांकि, इस दौरान कुछ कैदियों ने जेल के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उन्होंने न केवल इफ्तार पार्टी की तस्वीरें लीं, बल्कि उन्हें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया। वायरल फोटो का संज्ञान लेते ही जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और बंदियों से पूछताछ के बाद 13 मोबाइल जब्त किए।

सुरक्षा तंत्र पर उठ रहे सवाल

जोधपुर सेंट्रल जेल को राज्य की अति संवेदनशील जेलों में गिना जाता है, जहां कई कुख्यात अपराधी और उच्च-प्रोफाइल कैदी बंद हैं। ऐसे में जेल के भीतर मोबाइल फोन का पहुंचना किसी बड़ी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने कहा है कि बरामद मोबाइलों को साइबर एक्सपर्ट के पास भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैदी जेल के अंदर से बाहर किन लोगों से संपर्क में थे।

हंगामे के बीच प्रशासन का सख्त रुख

कार्रवाई के दौरान जेल में कुछ कैदियों ने विरोध जताते हुए हंगामा भी किया, लेकिन प्रशासन ने इसे दरकिनार करते हुए जांच तेज कर दी है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि तस्वीरों में दिख रहे सभी बंदियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, मामले की जांच के दायरे में जेलर और अन्य जेल कर्मी भी हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है कि आखिर ये फोन जेल के भीतर तक कैसे पहुंचे।

भविष्य की सुरक्षा चुनौती

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा में गंभीर कमियां हैं। जेल प्रशासन अब पूरे परिसर में व्यापक जांच अभियान चला रहा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जेल की सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त किया जाएगा ताकि जेल के भीतर किसी भी प्रकार की अनधिकृत सामग्री न पहुंच सके। दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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