Skill India Digital Hub : नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरू किए गए कौशल भारत मिशन (Skill India Mission- SIM) ने देश के युवाओं के कौशल और रोजगार क्षमता को बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
मिशन की प्रमुख उपलब्धियां (2015 से 31 अक्टूबर 2025 तक):
| योजना/पहल | विवरण/आंकड़ा |
| PMKVY (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) | 1.64 करोड़ से अधिक उम्मीदवार प्रशिक्षित और प्रमाणित। |
| नामांकित उम्मीदवार (PMKVY) | 1,76,11,055 (1.76 करोड़ से अधिक)। |
| NAPS (राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना) | 49.12 लाख प्रशिक्षुओं को लगाया गया (2016-17 से)। |
| ITIs की संख्या | 2014 में 9,776 से बढ़कर वर्तमान में 14,682 हो गई। |
| व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित युवा | 15-29 आयु वर्ग के युवाओं का प्रतिशत 2017-18 में 7.1% से बढ़कर 2023-24 में 26.1% हो गया। |
Skill India Digital Hub : कौशल विकास की व्यापकता:
SIM के तहत, MSDE प्रमुख योजनाओं जैसे PMKVY, जन शिक्षण संस्थान (JSS), NAPS, और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) में शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) के माध्यम से देश भर में कौशल विकास केंद्रों का एक व्यापक नेटवर्क चलाता है।
इन पहलों के तहत NSQF (राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क)-संरेखित कौशल, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, व्यवहारिक कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाता है।
पीएम-सेतु योजना और डिजिटल पहुंच:
मंत्रिमंडल ने उन्नत आईटीआई (पीएम सेतु) योजना को भी मंजूरी दी है, जिसका अनुमानित परिव्यय पाँच वर्षों की अवधि में ₹60,000 करोड़ है। कौशल भारत मिशन को रोजगार मेले, शिक्षुता अभियान और स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) के माध्यम से डिजिटल पहुंच द्वारा समर्थित किया गया है।
Skill India Digital Hub : पीएमकेवीवाई के फोकस क्षेत्र:
पीएमकेवीवाई योजना, विशेष रूप से अपने लघु अवधि प्रशिक्षण (STT) और पूर्व शिक्षण की मान्यता (RPL) घटकों के माध्यम से, युवाओं को उद्योग प्रासंगिक कौशल से तैयार करके उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।
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PMKVY 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को मार्गदर्शन और अभिविन्यास प्रदान करके विविध रोज़गार के लिए आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया गया है।
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विशेष समूहों को सहायता: PMKVY 4.0 में महिलाएं और दिव्यांगजन (PwD) सहित विशेष समूहों को आवास, भोजन और परिवहन की सहायता प्रदान की जाती है।
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दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रावधान: प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रत्येक दिव्यांग अभ्यर्थी को सहायक उपकरण खरीदने और उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ₹5,000 तक की विशेष सहायता प्रदान की जाती है।











