Dharmasthala : धर्मस्थला, कर्नाटक : कर्नाटक के धर्मस्थला में सामूहिक रूप से कई शवों को दफनाने के सनसनीखेज मामले में जांच कर रही एसआईटी (SIT) को अब तक कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला है। इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा साइट नंबर 13 की हो रही है, जहां एक नकाबपोश पूर्व सफाईकर्मी ने सबसे ज्यादा लाशें दफनाने का दावा किया था। हालांकि, एसआईटी ने इस महत्वपूर्ण जगह पर खुदाई का काम अचानक रोक दिया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।
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साइट 13 का रहस्य
नकाबपोश पूर्व कर्मचारी ने एसआईटी को बताया था कि साइट 13 पर सबसे अधिक शव दफनाए गए हैं, जिनमें बलात्कार और हत्या के शिकार लोगों के शव भी शामिल हैं। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों का हवाला देते हुए एसआईटी ने इस जगह पर खुदाई रोक दी है, जबकि उसने साइट 16 तक खुदाई पूरी कर ली है। एसआईटी की इस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी संवेदनशील जगह पर जांच क्यों रोक दी गई है।
अब तक की जांच
एसआईटी ने अब तक 16 अलग-अलग जगहों पर खुदाई की है। इनमें से साइट नंबर 6 और 11 पर कंकाल के अवशेष मिले हैं, लेकिन ये अवशेष इंसानों के हैं या जानवरों के, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। हाल ही में नई जानकारी के आधार पर बाहुबली पहाड़ियों में एक सूखे पेड़ के नीचे 10 फीट गहरी और 20 फीट चौड़ी खाई खोदी गई थी, लेकिन वहां भी कोई शव या मानव अवशेष नहीं मिला।
चश्मदीद महिला का दावा
इस मामले में एक चश्मदीद महिला भी सामने आई है, जिसने नकाबपोश पूर्व कर्मचारी के दावे को और मजबूत किया है। महिला ने दावा किया है कि उसने खुद पूर्व सफाई कर्मचारी को एक शव दफनाते हुए देखा था। एसआईटी अब इस महिला के बयान की पुष्टि कर रही है।
राजनीतिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप
यह मामला अब कर्नाटक की राजनीति में भी तूल पकड़ रहा है।
- भाजपा विधायक एसआर विश्वनाथ ने इसे धर्मस्थला के खिलाफ एक दुर्भावनापूर्ण अभियान बताया है। उन्होंने इसके विरोध में 16 अगस्त को येलहंका से धर्मस्थला तक ‘धर्मस्थला चलो’ रैली निकालने की घोषणा की है। विश्वनाथ ने नकाबपोश पूर्व कर्मचारी को अपराध में सहभागी बताते हुए उसे फांसी देने की मांग भी की है।
- पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने भी इस दावे को झूठा और हिंदू समुदाय का अपमान बताया है। उन्होंने राज्य सरकार से नकाबपोश व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने और उसके पीछे के तत्वों का पता लगाने की मांग की है।
- लापता एमबीबीएस छात्रा अनन्या भट की मां के वकील मंजूनाथ एन ने एसआईटी पर सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बाहुबली हिल्स के वन क्षेत्र में जानबूझकर ताज़ी मिट्टी और मलबा डालकर सबूतों को छिपाने की कोशिश की गई है। हालांकि, एसआईटी ने इन आरोपों से इनकार किया है।
पत्रकार और यूट्यूबर्स पर भी कार्रवाई
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर भी तनाव बढ़ गया है। 6 अगस्त को धर्मस्थला के पंगाला इलाके में तीन यूट्यूबर्स और एक कैमरामैन पर हमला हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, बेलथांगडी पुलिस ने पत्रकार वसंत गिलियार के खिलाफ एक फेसबुक पोस्ट को लेकर मामला दर्ज किया है, जिस पर सांप्रदायिक द्वेष फैलाने का आरोप है।
इस पूरे मामले में एसआईटी की जांच जारी है, लेकिन ठोस सबूतों की कमी और राजनीतिक बयानबाजी ने इसे और भी उलझा दिया है।













