Dhan Kharidi Scam FIR : रायपुर। छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग ने धान खरीदी केंद्रों में चल रहे फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के भौतिक सत्यापन के दौरान स्कंध (स्टॉक) में कमी, फर्जी खरीदी और अवैध वसूली जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। शासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हक में बाधा डालने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
जिलेवार प्रमुख कार्रवाइयां:
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दुर्ग (7 निलंबित): झीट, गोढ़ी, खिलोराकला, कन्हारपुर, ठेंगाभाट और मुरमुंदा के समिति प्रबंधकों को स्टॉक में गड़बड़ी के लिए सस्पेंड किया गया है।
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बेमेतरा (FIR और निलंबन): मऊ के सहायक प्रबंधक उमेश कुमार साहू पर फर्जी धान खरीदी के लिए FIR दर्ज कर निलंबित किया गया है। बोरतरा और गाडाडी के प्रभारियों को अमानक धान खरीदने पर सस्पेंड किया गया।
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बिलासपुर (FIR): एरमसाही केंद्र के प्रभारी कामीराम खुंटे पर 920 बोरी धान कम पाए जाने पर FIR दर्ज कराई गई है।
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कबीरधाम (FIR): कुकदूर समिति प्रबंधक अनिल बाजपेयी पर स्टॉक में कमी के लिए FIR और निलंबन की कार्रवाई हुई।
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महासमुंद (FIR): पिरदा और सिंगबहाल के केंद्र प्रभारियों पर अनियमितता के चलते FIR दर्ज की गई है।
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रायपुर: नरदहरा के लिपिक राकेश जांगड़े को किसानों से अवैध वसूली के मामले में सेवा से बर्खास्त (सेवा समाप्ति) कर दिया गया है।
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सक्ती व बलौदाबाजार: सक्ती के कांसा केंद्र प्रभारी को सेवा से पृथक किया गया, वहीं बलौदाबाजार में बारदाना प्रभारी को बर्खास्त किया गया।
किन-किन गड़बड़ियों पर हुई कार्रवाई? जांच में मुख्य रूप से धान स्टॉक में कमी (5 मामले), अमानक (खराब) धान की खरीदी (5 मामले), धान खरीदी में अनियमितता (11 मामले), और छुट्टी के दिन अवैध रूप से धान की आवक लेने (3 मामले) जैसे तथ्यों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा बारदाना वितरण और टोकन में गड़बड़ी करने वालों पर भी कार्रवाई की गई है।









