Aadhaar Card : भारत में आज भी 6 करोड़ मृतकों के आधार कार्ड एक्टिव! बैंक फ्रॉड और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का खतरा

0
100
aadhaar card
aadhaar card

Aadhaar Card/नई दिल्ली :  देश में आधार नंबर जारी करने की शुरुआत को अब 15 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड जारी किए गए। हालांकि, 8 करोड़ से अधिक धारकों की मौत हो चुकी है, लेकिन केवल 1.83 करोड़ कार्ड ही निष्क्रिय किए गए। लगभग 6 करोड़ मृतक आधार कार्ड अभी भी सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बैंक फ्रॉड, फर्जी खातों और सरकारी योजनाओं में दुरुपयोग की संभावनाओं को बढ़ा रही है।

मृत्यु सूचना पोर्टल: प्रयास लेकिन सीमित सफलता
UIDAI ने चार महीने पहले वेबसाइट पर मृत्यु सूचना पोर्टल शुरू किया ताकि परिजन मृतक का आधार ऑनलाइन निष्क्रिय करा सकें।अब तक केवल 3,000 लोगों ने जानकारी दर्ज की, जिनमें 500 मामलों में ही पुष्टि हो सकी। इसका विश्लेषण बताता है कि ऑनलाइन प्रक्रिया अभी पर्याप्त प्रभावी नहीं है और जागरूकता की कमी है।

Read More : Khawaja Asif : Pak रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की नई गीदड़भभकी- भारत-अफगानिस्तान से जंग को तैयार, अल्लाह दूसरे राउंड में भी देगा मदद

डेटा विसंगतियां और जोखिम
Aadhaar Card UIDAI के अनुसार, 48 लाख रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया है। इसमें 4–5% रिकॉर्ड क्षेत्रीय भाषा में होने के कारण मैच नहीं हो सके।आश्चर्यजनक रूप से, 80 मामलों में मृत घोषित लोग बाद में जिंदा पाए गए। ऐसे मामले दिखाते हैं कि डेटा की सटीकता पर सतत निगरानी और सुधार की आवश्यकता है।

UIDAI डेटाबेस में 8.30 लाख आधार धारकों की उम्र 100 साल से अधिक दर्ज है। यह संख्या असाधारण रूप से अधिक है और राज्यों द्वारा की गई पुष्टि केवल 3,086 मामलों तक ही सीमित रही।

बैंकों और सरकारी योजनाओं में गंभीर प्रभाव

  • SBI के 22 करोड़ आधार-लिंक्ड खातों में से 8 लाख मृतक खातों को बंद किया गया।
  • PNB के 14 करोड़ खातों में से 4 लाख मौतें पुष्टि हुई।
  • PDS में 80 करोड़ राशन कार्डों में से 4.5 लाख मृतकों के कार्ड सक्रिय हैं।
  • दो करोड़ पेंशनरों में 22 लाख मृतक पाए गए।

Read More : Weather Update : मध्य भारत में कड़ाके की ठंड: भोपाल और रायपुर में पारा गिरा, शीतलहर का असर जारी,जानें आपके शहर का मौसम

Aadhaar Card विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि मृतक आधार कार्ड की सक्रियता डिजिटल और वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता पर संकट पैदा कर रही है।डेटा और आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि UIDAI को मृतक आधार कार्ड निष्क्रिय करने की प्रक्रिया तेज करनी होगी।साथ ही राज्यों और केंद्र की संस्थाओं को नियमित मिलान और सत्यापन सुनिश्चित करना चाहिए। यह कदम न केवल बैंक फ्रॉड और योजना दुरुपयोग को रोक सकता है, बल्कि जनता की डिजिटल पहचान प्रणाली पर भरोसा भी बनाए रखेगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here