Customer Care Fraud Gwalior : ग्वालियर (15 फरवरी 2026): ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक बेकरी संचालक ने अपनी नई वॉशिंग मशीन की शिकायत दर्ज कराने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया, लेकिन आधिकारिक वेबसाइट के बजाय वे ठगों के चंगुल में फंस गए। ठगों ने तकनीकी मदद के नाम पर एक संदिग्ध लिंक भेजा और संचालक के खाते से 4 लाख रुपये साफ कर दिए।
ऐसे बिछाया ठगी का जाल
अशोक कॉलोनी निवासी सतीश कुमार माहौर ने पुलिस को बताया कि उनकी एक महीने पुरानी वॉशिंग मशीन खराब हो गई थी। कंपनी का संपर्क सूत्र खोजने के दौरान उन्हें इंटरनेट पर एक नंबर मिला। कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताया और भरोसा जीतने के लिए “रिपेयर ई-सर्विस” नाम की एक APK फाइल का लिंक व्हाट्सएप पर भेजा।
मोबाइल हैंग हुआ और शुरू हुई लूट
सतीश ने जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड किया, उनका मोबाइल कुछ देर के लिए हैंग होकर बंद हो गया। ठगों ने वास्तव में उस ऐप के जरिए मोबाइल का ‘रिमोट एक्सेस’ ले लिया था। फोन दोबारा चालू होने पर ठग ने सतीश को कॉल किया और प्रक्रिया पूरी करने के लिए मात्र 1 रुपये का ट्रांजेक्शन करने को कहा। इसके बाद अगले दो दिनों के भीतर किश्तों में उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 4 लाख रुपये निकाल लिए गए।
पुलिस की कार्रवाई और सावधानी की अपील
मैसेज आने पर जब सतीश को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत साइबर सेल और मुरार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अनु बेनीवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर
-
“इंटरनेट पर उपलब्ध हर नंबर सही नहीं होता। ठगों ने बेकरी संचालक को एक थर्ड पार्टी APK फाइल भेजकर उनका फोन हैक किया और 4 लाख रुपये निकाल लिए। हम लोगों से बार-बार अपील करते हैं कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कस्टमर केयर नंबर केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) से ही प्राप्त करें।”













