लखनऊ। Nishaanebaz.com-UP Moustache Politics Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग एक अनोखे मोड़ पर पहुंच गई है। इन दिनों प्रदेश के सियासी गलियारों में ‘मूंछों’ को लेकर जोरदार राजनीति देखने को मिल रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा ललितपुर के 75 वर्षीय पूर्व ग्राम प्रधान जगदीश यादव को अपने मंच पर बुलाकर उनकी मूंछों की तारीफ करने और उनकी देखभाल के लिए पैसों का लिफाफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी और सपा आमने-सामने आ गए हैं।
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इस पूरे सियासी मामले की शुरुआत दरअसल मैनपुरी के एक पुलिस अधिकारी (डिप्टी एसपी) अशोक सिंह के उस चर्चित वीडियो से हुई थी, जिसमें उन्होंने अपनी मूंछों पर ताव देते हुए कथित तौर पर कहा था कि “यह वीडियो अखिलेश यादव को दे देना”। इस वीडियो का जवाब देने के लिए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर ललितपुर के बघौरा गांव के रहने वाले जगदीश यादव की लंबी मूंछों वाली तस्वीर साझा करते हुए तंज कसा कि “उसकी मूंछें तो बहुत छोटी थीं”। इसके अगले ही दिन अखिलेश यादव ने जगदीश यादव को मंच पर आमंत्रित कर न केवल उनकी मूंछों पर ताव दिलवाया, बल्कि उनकी देखभाल हेतु उपहारस्वरूप एक लिफाफा भी प्रदान किया।
अखिलेश यादव के इस कदम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलने में देर नहीं की। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “जब माफिया मूंछों पर ताव देते थे और यूपी में सांप्रदायिक तनाव फैलाते थे, तब सपा के मुखिया खुद उनका बचाव किया करते थे”। भाजपा के इस बयान का कड़ा पलटवार करते हुए सपा प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और संविधान व मर्यादाओं को ताक पर रखकर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मूंछों के बहाने चर्चा में आए 75 वर्षीय जगदीश यादव उर्फ ‘ताऊजी’ ललितपुर जिले के बघौरा गांव के तीन बार ग्राम प्रधान रह चुके हैं। वह 20 वर्ष की उम्र से ही (पिछले 55 सालों से) अपनी मूंछों का यह खास अंदाज बनाए हुए हैं और 1992 में पार्टी की स्थापना के समय से ही समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। मूंछों के जरिए शुरू हुई यह बयानबाजी अब पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुकी है और दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।







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