रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रविवार को शराब घोटाले और अवैध कोल लेवी मामले में छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों में सात ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और नगद रकम जब्त की गई।
शराब घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पीए जयचंद कोसले और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी व्यापारी अवधेश यादव के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। छापे छत्तीसगढ़ में 3, झारखंड में 2 और बिहार में 2 स्थानों पर मारे गए।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, अवधेश यादव बस्तर के सात जिलों में शराब का कारोबार संभालते थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने ओवररेट शराब बेची, पड़ोसी राज्यों से सस्ती शराब तस्करी कर जिलेभर में सप्लाई नेटवर्क चलाया और शराब में मिलावट भी की। इस कारोबार से अवधेश ने 200 करोड़ से अधिक का कमीशन कमाया और पैसा अपने पैतृक घर पलामू और ससुराल औरंगाबाद में निवेश किया।
जयचंद कोसले, जो पूर्व सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया के करीबी माने जाते हैं, के रायपुर और अकलतरा स्थित घरों पर भी तलाशी ली गई। जांच में यह सामने आया कि अवैध कोयला परिवहन से होने वाली रकम जयचंद के जरिए सौम्या तक पहुंचती थी। जयचंद ने सौम्या का लगभग 50 करोड़ का निवेश किया और खुद भी 10 करोड़ से अधिक कमाए। रायपुर और अकलतरा में उनके पास आलीशान मकान और करोड़ों की संपत्ति मौजूद है।
ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे बड़े शराब घोटाले और अवैध कोल लेवी मामले में से एक मानी जा रही है।













