CG Assistant Professor Job: रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा जगत और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की भारी कमी को दूर करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने लगभग 2,500 (दो हजार पांच सौ) पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर की बड़ी भर्ती निकालने की सुगबुगाहट तेज कर दी है। विभागीय स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि, लंबे समय से केवल घोषणाओं और आश्वासनों के मिलने के कारण नेट (NET), सेट (SET) और पीएचडी (PhD) जैसी उच्च योग्यता हासिल कर चुके लगभग 50 हजार से अधिक बेरोजगार अभ्यर्थियों में अब निराशा और असंतोष का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है।
दो वर्षों से चल रहा है घोषणाओं का दौर, वित्त की मंजूरी के बाद भी लेटलतीफी
भर्ती प्रक्रिया की कड़वी सच्चाई यह है कि करीब दो वर्ष पहले तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य में 2,169 असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती करने की भव्य घोषणा की थी, लेकिन वह कागजी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद सरकार ने संशोधित रूप में 625 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान कराई। अभ्यर्थियों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि वित्त विभाग से हरी झंडी मिले भी करीब आठ महीने का लंबा वक्त बीत चुका है, परंतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अब तक भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन (विज्ञापन) जारी नहीं किया गया है।
कॉलेजों में खाली पदों का पूरा गणित: आंकड़ों की जुबानी
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा फरवरी 2026 तक जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था इस समय गंभीर रूप से स्टाफ की कमी से जूझ रही है:
| पद का नाम | कुल स्वीकृत पद | वर्तमान में रिक्त पद | स्थिति की गंभीरता |
| असिस्टेंट प्रोफेसर | 5,406 | 2,498 | कुल पदों का लगभग 46% हिस्सा खाली पड़ा है। |
| प्रोफेसर (Regular) | 780 | 780 | 100% पद खाली; एक भी पद पर नियमित प्रोफेसर नहीं है। |
विशेषज्ञों की चिंता: शिक्षाविदों का मानना है कि आधे से अधिक शैक्षणिक पदों के खाली होने का सीधा और घातक असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। प्रदेश के अधिकांश कॉलेज केवल अतिथि व्याख्याताओं (Guest Lecturers) और संविदा के सीमित स्टाफ के भरोसे रामभरोसे संचालित हो रहे हैं।
बेरोजगार युवाओं ने की जल्द से जल्द विज्ञापन जारी करने की मांग
बरसों से प्रोफेसर बनने का सपना संजोए और कड़ा परिश्रम कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे उम्र के उस पड़ाव पर पहुँच रहे हैं जहाँ उनकी वर्षों की तैयारी बेकार हो सकती है। उच्च योग्यता होने के बावजूद छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। संघ और अभ्यर्थियों ने साय सरकार से पुरजोर मांग की है कि बिना किसी और तकनीकी विलंब के, तत्काल प्रभाव से 2500 पदों का संयुक्त विज्ञापन जारी किया जाए ताकि कॉलेजों में सुचारू पढ़ाई शुरू हो सके और युवाओं को न्याय मिले।
विभाग की चुप्पी से टिकी हैं सरकार पर नजरें
दूसरी ओर, उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की तरफ से अभी तक विज्ञापन जारी करने की कोई निश्चित और तय समय-सीमा (Dead-line) घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों का केवल इतना कहना है कि प्रक्रिया पर काम चल रहा है। ऐसे में प्रदेश के 50 हजार से अधिक योग्य युवाओं और शिक्षा जगत से जुड़े प्रबुद्ध लोगों की नजरें अब सीधे मुख्यमंत्री और कैबिनेट के अगले बड़े फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि यह भर्ती शीघ्र नहीं आती है, तो आने वाले सत्रों में कॉलेजों की मान्यता पर भी संकट गहरा सकता है।









