निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में महासमुंद जिले की संध्या नायक ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। संध्या ने 600 में से 594 अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उनकी इस शानदार सफलता से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। गांव में जश्न का माहौल है और लोग संध्या को बधाई देने लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।
किसान परिवार से निकलकर बनीं प्रदेश टॉपर
संध्या नायक महासमुंद जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता जितेंद्र नायक पेशे से किसान हैं, जबकि उनकी माता गीता नायक गृहिणी होने के साथ खेती-किसानी में परिवार का सहयोग करती हैं।
साधारण परिवार से आने वाली संध्या ने अपनी पढ़ाई एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुन्दा से पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
रोज 5 घंटे पढ़ाई करती थीं संध्या
रिजल्ट घोषित होने के बाद मीडिया से बातचीत में संध्या नायक ने अपनी सफलता का राज साझा किया। उन्होंने बताया कि वह स्कूल के बाद रोजाना करीब 5 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं।
संध्या ने कहा कि उन्होंने कभी पढ़ाई को बोझ नहीं माना, बल्कि पूरी एकाग्रता और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी की। पढ़ाई के साथ-साथ वह घर के कामों में भी माता-पिता का हाथ बंटाती थीं।
डिप्टी कलेक्टर बनना है सपना
जब संध्या से उनके भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह आगे चलकर CGPSC की तैयारी करना चाहती हैं। उनका सपना डिप्टी कलेक्टर बनकर समाज और प्रदेश की सेवा करना है।
संध्या की इस सोच और मेहनत ने हजारों छात्रों को प्रेरणा दी है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आर्थिक परिस्थितियां कभी भी प्रतिभा और मेहनत के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।
गांव में खुशी का माहौल
संध्या के टॉपर बनने की खबर मिलते ही उनके घर पर लोगों का तांता लग गया। रिश्तेदारों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। स्कूल प्रबंधन ने भी संध्या की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।











