Ayodhya Ram Mandir-Donation Scam:अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर के दानपात्रों से बड़ी मात्रा में चढ़ावे की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह हेरफेर 200 करोड़ रुपए से अधिक का हो सकता है। इस मामले के उजागर होने के बाद नोटों की गिनती से जुड़े करीब 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 5 संदिग्धों के पास से करीब 2 करोड़ रुपए की नकदी, एक कार और 3 आईफोन बरामद किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने एक विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया है, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए एक आईपीएस अधिकारी भी अयोध्या पहुंचकर सीधे रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
Ayodhya Ram Mandir-Donation Scam:राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दान के लिए 14 अलग-अलग जगहों पर पेटियां लगाई गई हैं। इन पेटियों से निकलने वाली नकदी को परिसर के ही एक बेहद सुरक्षित और गोपनीय कक्ष में ले जाया जाता है, जहां बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहां नोटों की गिनती के लिए तीन स्तरों पर 50 लोग तैनात रहते हैं, जिनमें प्राइवेट एजेंसी के 24 कर्मचारी, उनकी निगरानी के लिए ट्रस्ट के 12 सदस्य और एसबीआई व टीसीएस ऑडिट टीम के 14 प्रतिनिधि शामिल होते हैं। प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारियों का मासिक वेतन महज 14,500 रुपए है, जबकि कुछ लोग बिना वेतन के सेवा दे रहे थे। यह पूरा मामला तब खुला जब पिछले 5 सालों में इनमें से कुछ कर्मचारियों की जीवनशैली अचानक बदल गई और वे करोड़ों की संपत्तियों के मालिक बन गए। उनके सहकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच जब इसकी चर्चा बढ़ी, तो यह मामला सार्वजनिक हो गया।
Ayodhya Ram Mandir-Donation Scam:जांच के दायरे में आए प्रमुख संदिग्धों में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं, जिनकी अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। टिन्नू के जरिए मंदिर में नियुक्त हुए उनके भतीजे मनीष यादव से भी 36 लाख रुपए कैश मिलने की चर्चा है। सोने-चांदी के जेवरों को संभालने वाले केडी तिवारी भी 1.5 करोड़ रुपए की जमीन की खरीद को लेकर संदेह के घेरे में हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए संपत्ति को अपने बेटों की कमाई बताया है। एक अन्य कर्मचारी राजेश पाठक भी अपनी बदली जीवनशैली के कारण जांच के केंद्र में हैं।
Ayodhya Ram Mandir-Donation Scam:इसके अलावा, नोट गिनने की टीम का हिस्सा रहे अनुकल्प मिश्रा और उनके जीजा लवकुश की आर्थिक स्थिति में भी चौंकाने वाला उछाल देखा गया है। अनुकल्प के परिवार ने अयोध्या में 65 लाख रुपए का घर खरीदा है और अपने गांव में एक फार्म हाउस बनवाया है। वहीं, पहले कार मैकेनिक का काम करने वाले लवकुश के घर की अलमारी, बक्से और गोबर में छिपाकर रखे गए करीब 10 लाख रुपए बरामद किए गए हैं, और वह फैजाबाद में एक नया मकान भी बनवा रहा है।
Ayodhya Ram Mandir-Donation Scam:इस बड़े वित्तीय घोटाले की तह तक जाने के लिए गठित की गई SIT की कमान लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS) संभाल रहे हैं, जो मंदिर के दान और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। उनके साथ सीबीआई के पूर्व डीआईजी और आईजी रेंज किरन एस. (IPS) पुलिसिया जांच का जिम्मा संभाल रहे हैं, जबकि वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन मंदिर के ऑडिट और वित्तीय लेन-देन का निरीक्षण कर रहे हैं।
Ayodhya Ram Mandir-Donation Scam:हालांकि, इस समिति में किसी रिटायर्ड जज को शामिल न किए जाने से अयोध्या के कुछ संतों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग करते हुए कहा है कि उनका संबंध केवल निर्माण कार्यों से है, ट्रस्ट के आंतरिक मामलों से नहीं।









