Monday, August 17, 2026
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संविधान दिवस पर PM मोदी ने लिखा भावुक पत्र- संविधान ने हर नागरिक को दी सपनों की उड़ान

PM Modi
PM Modi

नई दिल्ली : संविधान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को देशवासियों को एक विस्तृत पत्र लिखकर भारतीय संविधान की ऐतिहासिक महत्ता और नागरिक कर्तव्यों की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 1949 में संविधान को अपनाना भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे स्वर्णिम क्षण था, जिसने देश को मजबूत और गतिशील भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की शक्ति दी।

संविधान के प्रति व्यक्तिगत श्रद्धा का उल्लेख
पीएम मोदी ने चिट्ठी में अपने कुछ व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए, जिनके माध्यम से उन्होंने संविधान और संसद के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने 2014 में संसद की दहलीज पर सिर झुकाने का उल्लेख किया और बताया कि 2019 में उन्होंने संविधान की प्रति अपने माथे से लगाकर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान प्रकट किया था। मोदी ने लिखा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास दिया है।

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संविधान निर्माताओं को नमन
प्रधानमंत्री ने संविधान सभा के सदस्यों—डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी महान नेताओं—को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि संविधान की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में जनता की भारी भागीदारी ने यह साबित किया है कि भारतीय लोकतंत्र दुनिया में सबसे जीवंत और मजबूत है।

कर्तव्यों के महत्व पर बल
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि इस वर्ष का संविधान दिवस विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह अवसर नागरिकों को अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आर्टिकल 51(A) का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का मूल आधार कर्तव्य-पथ पर चलना ही है। महात्मा गांधी के विचार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा—“अधिकार, कर्तव्य निभाने से ही प्राप्त होते हैं।”

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विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि 2049 में जब संविधान को 100 वर्ष पूरे होंगे, तब तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान को अनिवार्य जिम्मेदारी बताया।अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यह संकल्प दोहराने की अपील की कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का पालन करेंगे।

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