CG NEWS : अंबिकापुर: हसदेव अरण्य क्षेत्र में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और पूर्व छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह को स्थानीय ग्रामीणों ने इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया। ग्रामीणों के विरोध के चलते दोनों नेताओं को बिना भीतर गए ही वापस लौटना पड़ा।
CG NEWS : जानकारी के अनुसार दोनों नेता उदयपुर क्षेत्र के हसदेव अरण्य इलाके में पहुंचे थे, लेकिन पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें रोकते हुए साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने नेताओं से अपील की कि वे उनके मुद्दों पर राजनीति न करें और आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से बचें।
CG NEWS : ग्रामीणों का कहना था कि हसदेव अरण्य एक संवेदनशील वन क्षेत्र है, जहां के आदिवासी समुदाय लंबे समय से अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका मानना है कि राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी से आंदोलन की प्रकृति प्रभावित होती है और माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है।
CG NEWS : विरोध के दौरान नारेबाजी भी हुई, हालांकि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस सतर्क रहे। इस घटनाक्रम के बाद हसदेव अरण्य में चल रहे जनआंदोलन और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।









