CG News : रायपुर| छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में खनिज विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में स्थानीय निवासी खोलबाहरा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जैजैपुर तहसील के नंदेली ग्राम के खसरा नंबर 16/1, कुल 14.2 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर राजेश्वर साहू सहित कुछ निजी व्यक्तियों ने बिना किसी वैध अनुमति के क्रशर खदान स्थापित कर दी है और लंबे समय से पत्थरों का अवैध खनन किया जा रहा है।
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
याचिकाकर्ता ने बताया कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत कई बार तहसील और जिला प्रशासन से की गई, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। इससे गांव के लोग परेशान हैं और भूमि पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं जो दुर्घटनाओं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पहले हाईकोर्ट में एक रिट याचिका लगाई गई थी जिसे अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से प्रभावित नहीं हैं। हालांकि अदालत ने जनहित याचिका दाखिल करने की छूट दी थी, जिसके बाद यह वर्तमान याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दाखिल की गई।
साक्ष्य मिटाने की कोशिशें
याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि जैसे ही अदालत ने नोटिस जारी किया, प्रतिवादी पक्ष खनन स्थल पर गड्ढों को मिट्टी से भरकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने लगा। यह दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि वहाँ कभी खनन हुआ ही नहीं। अधिवक्ता ने इस गंभीर प्रयास को कोर्ट के समक्ष रखा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कोर्ट का सख्त रुख
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खनिज विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से पहले व्यक्तिगत रूप से हलफनामा प्रस्तुत करें और स्पष्ट करें कि सरकारी भूमि पर यह अवैध खनन किस आधार पर किया गया, और क्या विभाग की कोई भूमिका या लापरवाही इसमें रही है।









