राजनांदगांव। आने वाले नवरात्र पर्व को लेकर जिले में तैयारियाँ जोरों पर हैं। शहर और ग्रामीण अंचलों में माता दुर्गा की भक्ति और गरबा उत्सवों में हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस बार नवरात्र महोत्सव केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज के संदेश को फैलाने का मंच भी बन रहा है।
भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता विवेक मोनू भंडारी ने आयोजक समितियों और समाज के सभी सदस्यों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि गरबा महोत्सव केवल मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि समाज को बदलने और युवाओं में नशामुक्ति का दृढ़ संकल्प जगाने का शक्तिशाली माध्यम है।
भंडारी ने कहा,
“माँ की भक्ति और नशा एक साथ नहीं चल सकते। नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर धकेल देता है। जब युवा नशे की गिरफ्त में आता है, तो उसका स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और भविष्य ही नहीं, बल्कि उसके माता-पिता और पूरे परिवार की खुशियाँ भी छिन जाती हैं।”
उन्होंने आयोजकों से आग्रह किया कि मंच का उपयोग प्रतिदिन युवाओं और नागरिकों को नशामुक्त समाज के प्रति जागरूक करने में किया जाए। उनका कहना था कि गरबा उत्सव में युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक होती है, इसलिए यह सशक्त संदेश देने और बदलाव लाने का श्रेष्ठ अवसर है।
भंडारी ने नगरवासियों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इस नवरात्र महोत्सव को केवल भक्ति और आनंद का पर्व न मानें, बल्कि इसे “भक्ति और नशामुक्त समाज निर्माण” का अभियान बनाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी मिलकर कदम बढ़ाएँ, तो केवल राजनांदगांव ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में नशामुक्ति की अलख जगाई जा सकती है।
शहर के विभिन्न मंदिरों और गलियों में गरबा की रंगीन रोशनी, भक्तों की उत्साही भीड़, ढोलक की थाप और माता दुर्गा की आराधना के साथ-साथ मंचों पर नशामुक्ति संदेश के बैनर ने माहौल को और भी प्रेरक बना दिया। युवा और बुजुर्ग, सभी ने मिलकर नशामुक्त समाज के संकल्प की शपथ ली, जिससे यह पर्व सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना दोनों का प्रतीक बन गया।











