CG News : लैलूंगा : कृषि विभाग के गोदाम से 400 स्प्रेयर टैंक गायब, 8–10 लाख की चोरी से विभाग और पुलिस पर सवाल

VIKASH KHALKHO

लैलूंगा/घरघोड़ा। कृषि विभाग के गोदाम से 400 स्प्रेयर टैंक चोरी होने की चौंकाने वाली खबर ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। अनुमानित कीमत 8 से 10 लाख रुपये बताई जा रही है। गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों को चोरी की जानकारी किसी ने नहीं दी थी, बल्कि किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा सूचना देने के बाद ही विभाग में हड़कंप मचा।

जब कर्मचारी गोदाम पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि गोदाम का ताला टूटा हुआ है और भारी संख्या में स्प्रेयर टैंक गायब हैं। कुछ टैंक बाहर फेंके हुए मिले, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह कोई मामूली चोरी नहीं बल्कि योजनाबद्ध घटना हो सकती है।

पुलिस और विभाग की सुस्ती पर उठे सवाल

कर्मचारी और ग्रामीण दोनों ही विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद ही सप्ताह भर बाद मौके पर जांच के लिए कदम उठाए, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। विभाग द्वारा भी मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

चार साल से गोदाम में पड़ा था सामान

जानकारी के अनुसार ये स्प्रेयर टैंक लगभग चार साल पहले “DMF फंड” से किसानों को बांटे जाने थे। लेकिन कलेक्टर ने वितरण पर रोक लगा दी और टैंकों को गोदाम में रखा गया। चार साल तक गोदाम में सुरक्षित रखा गया सामान अचानक गायब हो गया, जिससे सवाल उठते हैं कि क्या यह विभागीय लापरवाही का नतीजा है या किसी सोची-समझी साज़िश का हिस्सा।

ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि जिस गोदाम में लाखों रुपये मूल्य की सरकारी सामग्री रखी थी, वहाँ न तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और न ही जिम्मेदारी तय थी। अब चोरी के बाद विभाग अपनी जिम्मेदारी से बचता नज़र आ रहा है।

मुख्य सवाल

  • 400 टैंक चोरी होते रहे और किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी?

  • चार साल से बंद पड़े टैंक आखिर किसके इशारे पर रखे गए थे?

  • पुलिस की सुस्ती कहीं ऊपर से दबाव का नतीजा तो नहीं?

  • विभागीय पूछताछ में भी गंभीरता क्यों नहीं दिखाई गई?

यह घटना न केवल विभागीय लापरवाही पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि किसानों और ग्रामीण जनता में सरकारी प्रणाली के प्रति विश्वास को भी चुनौती देती है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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