Sunday, October 4, 2026
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CG News : CBI अफसर बनकर 14 लाख की ठगी – रिटायर्ड क्लर्क से वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’, धमकी देकर ऐंठे रुपए

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CG News : रायपुर — राजधानी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गिरोह ने खुद को CBI अफसर बताकर एक रिटायर्ड सरकारी क्लर्क को डिजिटल तरीके से धमकाया, फर्जी जांच में फंसाने का डर दिखाया और लगातार वीडियो कॉल पर धमकाकर उससे 14 लाख रुपये ऐंठ लिए। यह घटना रायपुर की पुरानी बस्ती इलाके की है।

टेलीफोन डिपार्टमेंट बनकर किया पहला कॉल

पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित रामेश्वर देवांगन, जो शिक्षा विभाग से क्लर्क के पद से रिटायर हुए हैं, ने बताया कि 14 जुलाई दोपहर 1:30 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलीफोन डिपार्टमेंट से बताया और कहा कि उनका मोबाइल नंबर कुछ समय के लिए बंद किया जा रहा है।

CBI जांच का डर दिखाकर फंसाया

कुछ देर बाद एक और नंबर से वीडियो कॉल आया, जिसमें कॉलर ने अपना नाम रजनीश मिश्रा बताया और पूछा कि क्या वे नरेश गोयल नाम के किसी व्यक्ति को जानते हैं। रामेश्वर ने इंकार किया तो कॉलर ने कहा कि नरेश गोयल पर CBI की जांच चल रही है और रामेश्वर को बतौर गवाह बयान देने आना होगा।
जब रामेश्वर ने उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देकर बयान देने से मना किया तो कॉलर ने कहा कि “आपका ऑनलाइन बयान लिया जाएगा”।

CBI का फर्जी लेटर भेजा — डिजिटल अरेस्ट की धमकी

इसके बाद WhatsApp पर रामेश्वर को एक कथित CBI लेटर भेजा गया जिसमें सील और साइन लगे हुए थे। वीडियो कॉल के माध्यम से धमकियों का सिलसिला जारी रहा। कहा गया कि अगर वह सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें “डिजिटली गिरफ्तार” कर लिया जाएगा और बैंक अकाउंट सीज़ हो जाएंगे।
डर के चलते रामेश्वर ने आरोपियों के बताए अकाउंट में:

  • 15 जुलाई को 4 लाख रुपए,

  • 16 जुलाई को 7 लाख रुपए,

  • 17 जुलाई को 3 लाख रुपए,
    कुल मिलाकर 14 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

एक हफ्ते तक डराए रखा — पैसे वापस न मिलने पर खुली आंख

आरोपी लगातार उन्हें डराते रहे और भरोसा दिलाते रहे कि पैसे जांच के बाद वापस मिल जाएंगे। लेकिन एक हफ्ता बीतने के बाद भी पैसे वापस नहीं हुए और आरोपियों ने संपर्क भी बंद कर दिया।
शक होने पर रामेश्वर पुरानी बस्ती थाने पहुंचे और पूरे मामले की FIR दर्ज करवाई।

पुलिस जांच शुरू — बैंक ट्रांजैक्शन से पहचान में जुटी टीम

पुलिस अब बैंक खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड के जरिए ठगों की पहचान और लोकेशन निकालने में जुटी है।
पुरानी बस्ती पुलिस ने कहा कि यह एक नया साइबर फ्रॉड मॉडल है जिसमें अपराधी सरकारी एजेंसी के नाम पर आम नागरिकों को वीडियो कॉल कर धमकाते हैं और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते हैं।

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