CG NEWS : छत्तीसगढ़ में एक ओर तो शराब की खपत के आंकड़े चौंकाने वाले हैं, वहीं दूसरी ओर कई गांव ऐसे हैं जो शराबमुक्त होने की राह पर निकल पड़े हैं। जनवरी 2025 में सामने आए सरकारी आंकड़ों ने बताया था कि नए साल के जश्न के दौरान 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक सिर्फ रायपुर में ही 36 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिक गई। लेकिन इसी प्रदेश के कुछ गांवों ने शराब पर पूरी तरह से रोक लगाकर अलग मिसाल कायम की है।
CG NEWS : राजनांदगांव से उठी पहल
CG NEWS : शराबबंदी की शुरुआत राजनांदगांव जिले से हुई। यहां की कई ग्रामसभाओं ने शराब और जुए पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और यह वसूली भी की जाती है।
CG NEWS : कड़े दंड का प्रावधान
CG NEWS : ग्रामसभा में तय नियमों के मुताबिक –
गांव में शराब पीते पकड़े जाने पर 20,000 रुपये का जुर्माना।
सूचना देने वाले को 15,000 रुपये तक का इनाम।
बार-बार नियम तोड़ने वालों को गांव से निष्कासित करने का भी प्रावधान।
CG NEWS : किन गांवों ने किया ऐलान
भरेगांव, आरला और मोखला में सबसे पहले यह पहल हुई। इसके बाद सुरगी, मोहड़ और माथलडबरी गांव ने भी शराबबंदी लागू कर दी।
सुरगी का अनोखा मॉडल
सुरगी ग्राम में तो शराब, सट्टा और जुआ पूरी तरह बंद है। यहां अलग-अलग मामलों पर अलग जुर्माना तय है –
शराब बेचने वालों पर 50,000 रुपये का दंड और सूचना देने वाले को 10,000 रुपये इनाम।
गांजा बेचने पर 50,000 रुपये जुर्माना।
सट्टा खेलने पर 50,000 रुपये दंड।
ताश-जुआ खेलने पर 20,000 रुपये दंड।
गाली-गलौज करने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना।
सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है।
CG NEWS : महिलाओं की बड़ी भूमिका
CG NEWS : इन गांवों की महिलाएं लंबे समय से शराबियों से परेशान थीं। उन्होंने ही इस आंदोलन को ताकत दी और आज गांव शराबमुक्त होने की राह पर हैं। ग्रामीणों का मानना है कि अगर पूरे प्रदेश में इसी तरह ग्रामसभाएं नियम बनाएं तो छत्तीसगढ़ को शराबमुक्त बनने में देर नहीं लगेगी।













