CG News : रायपुर| राजधानी रायपुर के गोगांव क्षेत्र में नगर निगम की ओर से सोमवार को की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद इलाके में जबरदस्त विवाद और आक्रोश देखने को मिला। वार्ड क्रमांक 3 में मुख्य सड़क किनारे बनी दर्जनों दुकानों पर अवैध कब्जे के आरोप में प्रशासन ने अचनाक तोड़फोड़ कर दी। नाली के ऊपर बने पाटों सहित एक दर्जन से ज्यादा दुकानों का बाहरी हिस्सा ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, फिर भी दुकानदारों और नगर निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस, नारेबाजी, गाली-गलौज और हल्की झूमाझटकी की स्थिति बन गई।
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स्थानीय दुकानदारों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह पक्षपातपूर्ण थी। दुकानदार राम साहू ने बताया कि कुछ दुकानों को छोड़कर सिर्फ चुनिंदा व्यापारियों की दुकानों को टारगेट किया गया। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में कुछ भाजपा नेताओं की दुकानें भी हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
व्यापारी लोकेश साहू ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए बताया कि इस कार्रवाई से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही जानकारी दी गई। “सीधे बुलडोजर लेकर आ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी,” उन्होंने कहा। उन्होंने बताया कि यह सभी दुकानें मध्यमवर्गीय परिवारों की हैं, जहां लोग चाय-पकौड़ी, मोबाइल, कपड़े, पंखे और इलेक्ट्रॉनिक्स की छोटी-छोटी दुकानें चलाते हैं।
कांग्रेस का विरोध, नेताओं ने साधा निशाना
कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेता पंकज शर्मा समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर निगम के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम व्यापारियों की आवाज दबा रहा है और चुनिंदा लोगों को टारगेट किया जा रहा है।
निगम की सफाई — “अवैध कब्जा हटाना जरूरी”
हालांकि नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़कों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण और पब्लिक मूवमेंट में बाधा के चलते की गई है। अधिकारियों के अनुसार, पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह कदम उठाना पड़ा।
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इस कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने आने वाले दिनों में प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक पारदर्शिता और समानता के आधार पर कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।











