रायपुर। रायपुर में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की कार पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने सड़क किनारे रखे पेवर ब्लॉक, ईंट और गमले कार पर फेंके, जिससे वाहन को नुकसान हुआ। इस घटना ने भाजपा कार्यकर्ताओं में अफरातफरी मचा दी।
पवन साय: संगठन की रीढ़
पवन साय को छत्तीसगढ़ राजनीति में भाजपा संगठन की मजबूती से जोड़ा जाता है। कांग्रेस के कठिन दौर में उन्होंने पार्टी को जमीनी स्तर से उठाकर सत्ता तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। महज 14 सीटों से भाजपा को 54 सीटों तक पहुँचाने में उनकी रणनीति और मेहनत निर्णायक रही।
विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले का मतलब केवल सुरक्षा चूक नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
हाल की घटनाओं से भयावह तस्वीर
प्रदेश के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में लगातार आपराधिक घटनाएँ सामने आई हैं:
- बिलासपुर: दिनदहाड़े चाकूबाजी ने पूरे शहर को दहला दिया।
- धमतरी: ढाबे में खुलेआम मर्डर हुआ, पुलिस देर से पहुँची।
- रायपुर: राजधानी की सड़कों पर चाकूबाजी की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
- कवर्धा: हाल की घटना ने स्थानीय स्तर पर तनाव और भय का माहौल पैदा किया।
इन घटनाओं ने जनता में यह धारणा मजबूत कर दी है कि पुलिस केवल दिखावटी कार्रवाई और प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित है।
गृह मंत्री और प्रशासन पर सवाल
प्रदेश में गृह मंत्री और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जनता को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। सवाल उठता है कि अगर भाजपा के संगठन महामंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है, तो आम नागरिक किस भरोसे सड़कों पर निकलेंगे? महिला सुरक्षा से लेकर व्यापारी वर्ग तक, हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है।
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जनता में बढ़ती असुरक्षा
- व्यापारी लूट और धमकियों से परेशान हैं।
- महिलाएँ और छात्राएँ खुद को असुरक्षित मान रही हैं।
- आम नागरिक पुलिस की निष्क्रियता और नाकामी को लेकर नाराज हैं।
राजनीतिक दृष्टि से गंभीर संकेत
पवन साय संगठन के स्तंभ माने जाते हैं। उनकी सुरक्षा में चूक सीधे प्रदेश सरकार और गृह मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह हमला आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का बड़ा अलार्म है। यदि शासन-प्रशासन और गृह मंत्री अब भी सक्रिय नहीं हुए, तो जनता का विश्वास गहरी चोट पहुँच सकता है। सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता अत्यंत जरूरी है।
पवन साय की कार पर हमला केवल एक नेता पर हमला नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था की जर्जर स्थिति को उजागर करता है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार और गृह मंत्री तत्काल कदम उठाकर जनता का भरोसा फिर से जीत पाएंगे?













