CG NEWS : रायपुर। राजधानी पुलिस की गिरफ्त में आया आशीष घोष अब एक बड़े खुलासे की कड़ी बन गया है। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर केस निपटाने वाले इस युवक की करतूतें लगातार सामने आ रही हैं। दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए आशीष को कोर्ट ने 6 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच में उसके पास से 2 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और संदिग्ध सामान बरामद हुआ, जिसका कोई संतोषजनक जवाब वह नहीं दे सका।
CG NEWS : मोबाइल फोन की जांच में जो तथ्य मिले हैं, वे और चौंकाने वाले हैं। आशीष के चैट्स में सामने आया है कि उसने कई पुलिस अधिकारियों को महंगे मोबाइल, बाइक और ब्रांडेड जूते गिफ्ट किए थे। इसके अलावा उसके फोन से केस सेटलमेंट और पार्टी की तस्वीरें भी मिली हैं। कई चैट डिलीट होने पर पुलिस ने फोन को साइबर लैब भेजा है ताकि पूरा डाटा सामने आ सके।
आशीष के पास से एक फर्जी पुलिस आईडी कार्ड भी मिला है, जिसमें एसीबी-ईओडब्ल्यू के सिपाही उमेश कुर्रे की असली आईडी में छेड़छाड़ कर उसकी अपनी फोटो लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि यह आईडी घड़ी चौक स्थित वीर नारायण परिसर की एक दुकान से तैयार कराई गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस नकली पहचान पत्र पर डीजी जीपी सिंह के हस्ताक्षर तक फर्जी बनाए गए थे।
सूत्रों का कहना है कि आशीष का नेटवर्क राजधानी तक ही सीमित नहीं था। सरगुजा के कई एसआई, इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के अधिकारियों से उसकी गहरी सांठगांठ थी। वह न सिर्फ उनके थानों और दफ्तरों में आता-जाता था, बल्कि परिवारों के लिए गाड़ियों का इंतजाम तक करता था। जांच यह भी बताती है कि वह एसीबी-ईओडब्ल्यू के कई कर्मचारियों और अधिकारियों से लगातार संपर्क में था।











