Durg School Sleeping Pills Case: दुर्ग स्कूल नींद की गोलियां मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सामने आया है, जहां एक सरकारी स्कूल में हुई घटना ने अभिभावकों और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पंचशील नगर स्थित चंद्रशेखर आजाद स्कूल में एक छात्र अपने साथ कथित तौर पर नींद की गोलियां लेकर पहुंचा। इन्हीं गोलियों को खाने के बाद पांच स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी बच्चों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
दुर्ग स्कूल नींद की गोलियां मामला सामने आने के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक छात्र अपने बैग में नींद की गोलियां लेकर आया था। किसी तरह ये गोलियां दूसरे बच्चों तक पहुंच गईं और कुछ बच्चों ने उन्हें खा लिया। इसके कुछ समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे शिक्षक और स्कूल स्टाफ भी घबरा गए।
पांच बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी
दुर्ग स्कूल नींद की गोलियां मामला में स्कूल प्रबंधन ने तुरंत बच्चों के परिजनों को सूचना दी। सभी पांच छात्रों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज चल रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने मांगी पूरी रिपोर्ट
दुर्ग स्कूल नींद की गोलियां मामला की जानकारी मिलने के बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने घटना को गंभीर माना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग अब यह जानने की कोशिश कर रहा है कि स्कूल में ऐसी स्थिति कैसे बनी।
Read more: तीसरी शादी के बाद आमिर खान को धमकी! लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से वायरल पोस्ट से हड़कंप
पुलिस और स्कूल प्रशासन कर रहे जांच
दुर्ग स्कूल नींद की गोलियां मामला की जांच पुलिस और स्कूल प्रशासन मिलकर कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि छात्र के पास नींद की गोलियां कहां से आईं, वह उन्हें स्कूल तक कैसे लेकर पहुंचा और दूसरे बच्चों ने किन परिस्थितियों में उनका सेवन किया।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
दुर्ग स्कूल नींद की गोलियां मामला ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना लापरवाही का नतीजा थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल प्रशासन ने मामले की हर पहलू से जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।







