Indore Drugs: इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नशे के कारोबार के खिलाफ क्राइम ब्रांच का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले ड्रग्स तस्करों पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में चर्चित एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स तस्करी मामले में क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे पांचवें आरोपी अरमान खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि बी-फार्मा का छात्र है। अब पुलिस उससे गहन पूछताछ कर पूरे ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना से दबोचा गया आरोपी
क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज अपराध क्रमांक 97/2025 में कार्रवाई करते हुए 23 वर्षीय आरोपी अरमान खान, निवासी मंदसौर, को गिरफ्तार किया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन तकनीकी निगरानी, डिजिटल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को क्राइम ब्रांच कार्यालय लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे मिली जानकारी के आधार पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पहले चार आरोपियों से बरामद हुई थी MD ड्रग्स और कार
Indore Drugs: इस मामले में पुलिस इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से 53.96 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स और एक मारुति ब्रेज़ा कार जब्त की गई थी। जब्त किए गए मादक पदार्थ और वाहन की कुल कीमत करीब 10 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई थी।पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान अरमान खान की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद से वह फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी।
बी-फार्मा छात्र का ड्रग्स तस्करी में नाम आने से सभी हैरान
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अरमान खान बी-फार्मा का छात्र है। जिस छात्र से समाज को भविष्य में स्वास्थ्य सेवा की उम्मीद थी, वही ड्रग्स तस्करी जैसे गंभीर अपराध में शामिल पाया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने ड्रग्स नेटवर्क से कब और कैसे जुड़ाव बनाया तथा उसका इस गिरोह में क्या रोल था।
पूरे ड्रग्स नेटवर्क की तलाश में जुटी क्राइम ब्रांच
Indore Drugs: पुलिस अब आरोपी से यह जानकारी जुटा रही है कि एमडी ड्रग्स कहां से मंगाई जाती थी, किस माध्यम से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचती थी तथा किन लोगों को इसकी सप्लाई की जाती थी। इसके अलावा इस अवैध कारोबार में आर्थिक लेन-देन, सप्लाई चैन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
क्राइम ब्रांच का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद इस मामले में कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और ड्रग्स सप्लाई के स्रोत की भी जांच कर रही है।
2026 में NDPS एक्ट के तहत 50 मामलों में 108 आरोपी गिरफ्तार
Indore Drugs: इंदौर क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2026 में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार अब तक एनडीपीएस एक्ट के 50 मामलों में 108 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।इन कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन), ब्राउन शुगर, गांजा, भांग, कोकीन सहित करीब 2 करोड़ 86 लाख रुपये कीमत के मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन जब्त किए हैं।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए लगातार अभियान
क्राइम ब्रांच का कहना है कि नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसी कारण पुलिस सिर्फ तस्करों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। ड्रग्स सप्लायर, कमीशन एजेंट, फाइनेंसर और खरीद-बिक्री में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग्स माफिया पर आगे भी जारी रहेगा एक्शन
Indore Drugs: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इंदौर में किसी भी कीमत पर नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि पूरे ड्रग्स सिंडिकेट को जड़ से खत्म करना है, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके और शहर को नशा मुक्त बनाया जा सके।







