Higher Education: MP में उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम NAAC की तर्ज पर बना ‘SAAC’, 341 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का होगा मूल्यांकन

Higher Education: भोपाल। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कॉलेजों-विश्वविद्यालयों की रैंकिंग को राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब प्रदेश में NAAC (National Assessment and Accreditation Council) की तर्ज पर SAAC (State Assessment and Accreditation Cell) का गठन किया गया है। यह नई व्यवस्था राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों के मूल्यांकन, गुणवत्ता सुधार और पारदर्शी ग्रेडिंग प्रणाली को मजबूती देगी।

सरकार का मानना है कि SAAC के माध्यम से प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पहले चरण में 341 संस्थानों का होगा मूल्यांकन

Higher Education: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि SAAC के तहत प्रथम चरण में प्रदेश के 341 शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था, शोध कार्य, आधारभूत संरचना, नवाचार और छात्र सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा।मूल्यांकन के बाद संस्थानों को अपनी कमियों को दूर करने और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ग्रेड प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए जाएंगे।

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21 से 23 जुलाई तक विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं

SAAC की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने 21, 22 और 23 जुलाई को विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया है।

  • 21 जुलाई: 113 महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • 22 जुलाई: अन्य 113 महाविद्यालयों के प्रतिनिधि प्रशिक्षण में भाग लेंगे।
  • 23 जुलाई: शेष 115 महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इन कार्यशालाओं में संस्थानों के अधिकारियों को मूल्यांकन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी।

गुणवत्ता मानकों और दस्तावेजीकरण पर रहेगा विशेष फोकस

Higher Education: प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को SAAC के मूल्यांकन मानदंड, गुणवत्ता संकेतक, दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया, संस्थागत तैयारियां, शोध गतिविधियां, प्रशासनिक व्यवस्था और प्रत्यायन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे संस्थानों को मूल्यांकन के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने में मदद मिलेगी।

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छात्रों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल

विशेषज्ञों का मानना है कि SAAC लागू होने से प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता आधारित प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा, शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, आधुनिक संसाधन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी मध्य प्रदेश की पहचान

Higher Education: राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें तथा भविष्य में NAAC की बेहतर ग्रेडिंग हासिल करें। SAAC इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है, जो मध्य प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली को नई पहचान और नई दिशा देगा।

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