CG Dhan Kharidi 2025 : रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बिना किसी बाधा के जोर पकड़े हुए है। सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल का असर कहीं नहीं दिख रहा है। धान खरीदी शुरू हुए चार दिन ही हुए हैं, लेकिन प्रदेश के उपार्जन केंद्रों में किसानों की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। रोजाना औसतन दो से ढाई लाख क्विंटल धान की तौल और खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि इस बार खरीदी व्यवस्था काफी सुगम है—न लाइन, न इंतजार, और न किसी तरह की तकनीकी दिक्कत।
CG Dhan Kharidi 2025 : 17 नवंबर को पूरे राज्य में कुल 2,43,831 क्विंटल धान खरीदा गया, जिसमें मोटा धान 1,05,342 क्विंटल, पतला धान 71,603 क्विंटल और सरना धान 66,886 क्विंटल शामिल है। सरकार ने उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, पर्याप्त बारदाना और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के मुताबिक किसान किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करें, इसके लिए इस बार खरीदी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए 26,200 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी जारी कर दी गई है, जिससे भुगतान में कोई देरी न हो।
जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 नवंबर को बेमेतरा जिला धान खरीदी में सबसे आगे रहा, जहां 39,015 क्विंटल धान खरीदा गया। इसके बाद राजनांदगांव (35,162 क्विंटल) और रायपुर (28,272 क्विंटल) ने दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। धमतरी में 25,227 क्विंटल, बालोद में 19,656 क्विंटल, बलौदाबाजार में 19,419 क्विंटल खरीदी हुई। वहीं कोरबा, बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में खरीदी तुलनात्मक रूप से धीमी रही।
प्रदेश के कुल 33 जिलों में सभी 2739 उपार्जन केंद्र सक्रिय हैं। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों से मिल रही रिपोर्ट बताती है कि केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित है। किसानों को न तो धान तौलने में दिक्कत हो रही है और न ही केंद्रों में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसानों ने संतोष जताते हुए कहा कि इस बार खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शी और तेज है।
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जैसे-जैसे खरीदी आगे बढ़ रही है, केंद्रों में किसानों की भीड़ भी तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद धान खरीदी बिना किसी रुकावट के सुचारु रूप से जारी है। सरकार का दावा है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह किसान-हितैषी और दिक्कत-रहित बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।











