Friday, September 25, 2026
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M.P News : सिंगरौली में NTPC के फ्लाई ऐश डैम से उठ रहा जहरीला गुबार, लोगों का जीना मुश्किल

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बलियरी क्षेत्र में स्थित NTPC विंध्याचल सुपर थर्मल पावर स्टेशन का फ्लाई ऐश डैम अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर संकट बन चुका है। लगभग 500 एकड़ में फैले इस राख डैम से उड़ने वाली राख हवा के साथ आसपास के गांवों और बस्तियों तक पहुंच रही है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।

हवा चलते ही फैल जाता है प्रदूषण

स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही तेज हवा चलती है, राख का गुबार पूरे इलाके में फैल जाता है। घरों, सड़कों और खेतों पर राख की मोटी परत जम जाती है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को दिनभर सांस लेने में दिक्कत हो रही है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

NTPC के दावों पर उठ रहे सवाल

NTPC प्रबंधन द्वारा फ्लाई ऐश को नियंत्रित करने के लिए स्प्रिंकल सिस्टम लगाए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। लगातार उड़ती राख इन व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है।

रिहंद जलाशय भी हो रहा प्रदूषित

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित रिहंद जलाशय, जो कभी जीवनरेखा माना जाता था, अब प्रदूषण का केंद्र बनता जा रहा है। राख डैम से दूषित पानी के रिसाव की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जल स्रोतों की गुणवत्ता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

नियमों के पालन पर सवाल

पर्यावरण संरक्षण के लिए लागू ‘शून्य द्रव उत्सर्जन’ (Zero Liquid Discharge) जैसे नियम केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर नियम लागू हैं तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा, और यदि नहीं, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

स्वास्थ्य और खेती दोनों पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के प्रदूषण से सांस की बीमारियां, आंखों में जलन, त्वचा रोग और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं, राखयुक्त पानी के कारण खेतों की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश

राख परिवहन में लगे भारी वाहन संकरी गलियों से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी लोगों को खटक रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि औद्योगिक हितों के आगे उनकी आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।

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