CG Collector’s Conference : रायपुर। कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खाद्य और स्वास्थ्य विभाग के बाद शिक्षा विभाग की गहन समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और ड्रॉप आउट दर कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
CG Collector’s Conference : शिक्षा विभाग को मुख्य निर्देश:
- ‘अपार ID’ अनिवार्य: मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर 2025 तक राज्य के सभी स्कूली विद्यार्थियों की Apar Id (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) बनाना सुनिश्चित किया जाए।
- ड्रॉप आउट और एनरोलमेंट: उन्होंने कहा कि स्कूलों में ड्रॉप आउट (पढ़ाई छोड़ने वाले) बच्चों की संख्या कम की जाए, वहीं ग्रास इनरोलमेंट रेशियो (सकल नामांकन अनुपात) को बढ़ाकर सौ प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा जाए।
- बालवाड़ियों को सक्रिय करें: मुख्यमंत्री ने महिला बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग को आपस में समन्वय स्थापित कर बालवाड़ियों को सक्रिय करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों के लिए दी गई शिक्षण सामग्री अलमारियों में बंद न रह जाए, बल्कि उनका उपयोग बच्चों को पढ़ाने में किया जाए।
स्थानीय भाषा में शिक्षा: बीजापुर मॉडल की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्तर पर स्थानीय भाषा/बोली में शिक्षा देने के लिए बीजापुर जिले के नवाचार की विशेष रूप से प्रशंसा की।
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- बीजापुर में 10वीं-12वीं पास स्थानीय युवाओं की सेवाएँ लेकर कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को उनकी स्थानीय बोली गोंडी में पढ़ाया जा रहा है।
- इस पहल के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉप आउट दर कम हुई है।
परीक्षा परिणामों पर विशेष ध्यान:
मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि राज्य में ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर्स को योजना बनाने के निर्देश दिए। इस संबंध में:
- रायगढ़ जिले के नवाचार की सराहना की गई, जहाँ कमजोर बच्चों के लिए नियमित मासिक टेस्ट और एक्स्ट्रा क्लासेस चलाई गईं।
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले ने भी हॉस्टल्स में एक्स्ट्रा क्लासेस और टेस्ट लेकर अच्छा प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने शाला विकास समितियों और पालकों को सक्रिय कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपाय करने पर भी जोर दिया।













