Bilaspur Constable Attack:बिलासपुर आरक्षक हमला मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद के दौरान एक युवक ने पहले अपने पिता पर चाकू से हमला करने की कोशिश की और जब पुलिस उसे रोकने पहुंची तो उसने आरक्षक पर डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बिलासपुर आरक्षक हमला मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कुदुदंड इलाके का है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुधवार रात सागर सूर्यवंशी का किसी बात को लेकर अपने पिता मुन्ना सूर्यवंशी से विवाद हो गया।विवाद इतना बढ़ गया कि सागर ने गाली-गलौज करते हुए घर में रखा धारदार चाकू उठा लिया और अपने पिता की ओर दौड़ पड़ा। किसी तरह मुन्ना सूर्यवंशी ने अपनी जान बचाई और तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी।
विवाद शांत कराने पहुंचे आरक्षक पर किया हमला
सूचना मिलने के बाद बिलासपुर आरक्षक हमला मामला में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की ईगल-02 डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जवानों ने समझदारी दिखाते हुए आरोपी युवक को काबू करने की कोशिश की और उसके हाथ से चाकू छीन लिया।इसी दौरान आरोपी सागर ने अचानक पास में रखा भारी डंडा उठाया और आरक्षक मोरज सिंह के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। हमले में आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा।
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घायल आरक्षक का अस्पताल में चल रहा इलाज
बिलासपुर आरक्षक हमला मामला में घायल पुलिसकर्मी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाने की अतिरिक्त पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। बाद में उसे थाने लाकर पूछताछ की गई।
मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सागर सूर्यवंशी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसका काफी समय से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा इलाज चल रहा है।हालांकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
बिलासपुर आरक्षक हमला मामला में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। अगर समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो पिता पर गंभीर हमला हो सकता था।फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवाद और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को सामने ला दिया है।









