रायपुर। CG Assembly Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन मेकाहारा अस्पताल में वर्षों से बंद पड़ी जांच मशीनों को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से अस्पताल में बंद पड़ी जांच मशीनों, उनकी मरम्मत और खरीदी प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा।
CG Assembly Session : विधायक हरवंश ने कहा कि अस्पताल में कई महत्वपूर्ण जांच मशीनें सालों से खराब पड़ी हैं। न तो मरम्मत हो रही है और न ही नई खरीदी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि अस्पताल में कुल 161 मशीनें स्थापित हैं, जिनमें से 50 मशीनें बंद पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि 11 मशीनों की मरम्मत प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 70 करोड़ रुपये की लागत से नई मशीनें खरीदी जा रही हैं।
बहस तब और तेज़ हो गई जब कांग्रेस विधायक ने कैंसर जांच से संबंधित मशीन के बारे में सवाल पूछा। जवाब में मंत्री जायसवाल ने कहा कि वह मशीन जांच नहीं बल्कि इलाज की श्रेणी में आती है और उसे विदेश से आयात करना पड़ता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही वह मशीन भी चालू की जाएगी।
विवाद तब बढ़ा जब विधायक ने याद दिलाया कि यह मशीन 9 साल पहले भाजपा सरकार में खरीदी गई थी, लेकिन आज तक चालू नहीं हो सकी। इस पर मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि “उस समय अच्छे सोच के तहत मशीन खरीदी गई थी, लेकिन कुछ कारणों से चालू नहीं हो पाई। अब उसे चालू किया जा रहा है।”
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर भी चर्चा में शामिल हुए और कहा कि उन्होंने पिछले कार्यकाल में भी इस मुद्दे को उठाया था, क्योंकि इस मशीन से कई लोगों का इलाज संभव हो सकता है। उन्होंने अनियमितता की संभावना की भी बात कही और जांच की मांग दोहराई।
इस पूरे घटनाक्रम में स्पष्ट है कि मेकाहारा की बंद मशीनें अब सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि राजनीतिक सवाल बन चुकी हैं, जिनका जवाब अब सरकार को ठोस कदमों के साथ देना होगा।









