बुरहानपुर : बुरहानपुर के लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल में गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान वैष्णवी चौहान की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है।परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर में ऐसे डॉक्टर मौजूद थे, जिनकी विशेषज्ञता इस सर्जरी से बिल्कुल जुड़ी नहीं थी।परिवार ने इसे गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बताते हुए कहा कि गलत टीम और गलत प्रक्रियाओं के कारण ही उनकी बेटी की जान चली गई।
कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश
21 दिन बीत जाने के बाद भी किसी के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज परिजन और रिश्तेदार शनवारा गेट पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।उनका कहना है कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।परिजनों का आरोप—“हमारी बेटी की मौत लापरवाही से हुई है। जब तक अस्पताल सील नहीं होगा, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
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सांसद–विधायक भी पहुंचे
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है।सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक मंजू दादू मौके पर पहुँचे और कलेक्टर से कठोर कार्रवाई एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बाबत नेताओं का बयान—“मामला बेहद गंभीर है। दोषियों पर सख्त कदम उठाना बेहद ज़रूरी है।”
प्रशासन सक्रिय
विवाद बढ़ता देख प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर ने ADM की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित कर दी है, जो पूरे मामले की जांच करेगी।हालाँकि परिजन अभी भी अस्पताल को तत्काल सील करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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न्याय की मांग पर अड़े परिजन
परिजनों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, उनकी क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी।अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है कि क्या यह सच्चाई बताएगी या मामला फिर किसी फाइल में दब जाएगा।













