BJP Mahila Morcha Protest : जबलपुर/भोपाल। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयानों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने बरैया के शब्दों को केवल एक बयान नहीं, बल्कि दलितों और महिलाओं के प्रति कांग्रेस की ‘बीमार मानसिकता’ का प्रतिबिंब बताया। परांजपे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में ऐसी भाषा के लिए कोई जगह है?
सोनिया और प्रियंका गांधी की चुप्पी पर घेरा: अश्विनी परांजपे ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए पूछा कि क्या फूल सिंह बरैया की यह अपमानजनक सोच श्रीमती सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी पर भी लागू होती है? उन्होंने कहा, “यदि नहीं, तो फिर इस बयान पर सोनिया गांधी की चुप्पी क्यों है? क्या कांग्रेस संगठन में काम करने वाली एससी-एसटी वर्ग की महिलाएं अपने ही नेताओं के बीच सुरक्षित हैं?”
बरैया के विवादित इतिहास का किया जिक्र: भाजपा ने विधायक बरैया के पुराने रिकॉर्ड को भी जनता के सामने रखा। परांजपे ने याद दिलाया कि इससे पहले भी बरैया ने रानी लक्ष्मीबाई पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और प्रशासनिक अधिकारियों को खुलेआम धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि बरैया बार-बार संविधान और मानवता विरोधी सोच का प्रदर्शन कर रहे हैं।
भाजपा की प्रमुख मांगें:
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फूल सिंह बरैया को तत्काल कांग्रेस पार्टी से निष्कासित किया जाए।
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कांग्रेस विधायक सार्वजनिक रूप से महिलाओं और दलित समाज से माफी मांगें।
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राहुल गांधी, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें।
महिला सशक्तिकरण का दिया हवाला: इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों द्वारा चलाई जा रही लाड़ली बहना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा महिला सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा महिला मोर्चा सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करेगा।
इस पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, रूपा राव और श्रीकांत साहू सहित अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।













