भोपाल : भोपाल में यात्रियों को अब स्पेशल ट्रेनें नियमित रूट पर उपलब्ध हो रही हैं। ये ट्रेनें पहले त्योहारों, कुंभ मेले या गर्मियों की छुट्टियों में अचानक बढ़ी भीड़ को संभालने के लिए चलाई जाती थीं। लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने इन्हें स्थायी रूट पर जोड़ दिया है।
किराया बढ़ा, जेब पर दबाव
हालांकि ट्रेनें रेगुलर हो गई हैं, लेकिन इनके किराए को स्पेशल श्रेणी में रखा गया है। सामान्य ट्रेन की तुलना में इनका किराया 20-30 फीसदी अधिक है। यात्रियों का कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क से उनकी यात्रा महंगी हो गई है और लंबे समय तक नियमित यात्रा में खर्च बढ़ा है।
Read More : M.P News : भोपाल में आज बिजली कटौती, 30 से ज्यादा इलाकों में 3 से 7 घंटे तक नहीं रहेगी सप्लाई
अस्थायी व्यवस्था का कारण
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनें अस्थायी व्यवस्था के तहत चलाई जाती हैं, इसलिए इन पर अतिरिक्त संसाधन और संचालन लागत जुड़ी होती है। ट्रेन की सेवाओं में अतिरिक्त कर्मी, इंजन और संचालन का खर्च किराए में शामिल किया जाता है। यही कारण है कि किराया सामान्य ट्रेन से अधिक रखा गया है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्री इस फैसले से थोड़े असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि नियमित यात्रियों के लिए स्पेशल किराया समझना कठिन है। वहीं, रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रा की सुविधा बनी रहती है और अधिक भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।













