भोपाल मेट्रो : भोपाल | मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट से तुर्किये की कंपनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। मेट्रो प्रशासन ने कंपनी से फेयर कलेक्शन का काम छीन लिया है और 45 गेटों की इंस्टॉलेशन से भी इंकार कर दिया है। केंद्र सरकार से भी ठेका निरस्त करने के निर्देश जारी हो चुके हैं।
भोपाल मेट्रो : दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये की कंपनी के ड्रोन का पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया था, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी मेट्रो प्रोजेक्ट में इस कंपनी को ठेका देने पर सवाल उठाए थे। भोपाल मेट्रो, तीन गलियारों और 27.87 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित त्वरित यातायात प्रणाली है, जिस पर लगभग ₹8,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।













