भोपाल:राजधानी भोपाल में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में बड़ी कार्रवाई की। यह अभियान करीब 6 घंटे तक चला, जिसमें नगर निगम की टीम ने सड़क और गलियों में फैले अतिक्रमण को हटाते हुए 9 ट्रक सामान जब्त किया। कार्रवाई के दौरान बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और कई स्थानों पर व्यापारियों व निगम अमले के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।
चौक बाजार में चला बुलडोजर एक्शन
नगर निगम की टीम सुबह से ही चौक बाजार के अंदरूनी हिस्सों में पहुंच गई थी। सड़क किनारे लगे ठेले, दुकानों के बाहर फैलाया गया सामान, अस्थायी शेड और अन्य अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के चलते कुछ समय के लिए बाजार में आवाजाही भी प्रभावित रही। निगम अधिकारियों ने साफ किया कि अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया।
सांसद के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने हाल ही में पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को पुराने शहर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने चौक बाजार को चिन्हित करते हुए यहां व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौके पर मौजूद
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, एसीपी सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी की। पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
व्यापारियों में नाराजगी
अचानक हुई इस कार्रवाई से कई व्यापारी नाराज नजर आए। कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले पर्याप्त सूचना नहीं दी गई, वहीं निगम का कहना है कि पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। नोंकझोंक के बावजूद प्रशासन ने अभियान को बिना रोके पूरा किया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाइयां की जाएंगी। विशेष रूप से पुराने शहर और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। निगम ने व्यापारियों से अपील की है कि वे स्वयं अतिक्रमण न करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की कार्रवाई की नौबत न आए।













