Friday, August 28, 2026
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बड़वानी : आंगनवाड़ी, आशा, संविदा और आउटसोर्स कर्मियों ने खोला मोर्चा, 40 से अधिक मांगों पर सौंपा ज्ञापन

निशानेबाज़ न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कर्मचारियों, श्रमिकों, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मियों की 40 से अधिक मांगों के निराकरण की मांग की गई है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें

मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संघ, जिला बड़वानी ने कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई। इसके अलावा मानदेय वृद्धि, 5 हजार रुपये मासिक पेंशन, सेवाकाल में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये की सहायता राशि तथा पर्यवेक्षक पद पर बिना परीक्षा पदोन्नति की मांग भी शामिल रही।

संघ ने यह भी मांग की कि मानदेय का भुगतान हर माह की 5 तारीख तक सुनिश्चित किया जाए और उन्हें अन्य विभागीय कार्यों से मुक्त रखा जाए।

राज्य कर्मचारी संघ की मांगें

मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और वेतन विसंगतियों के निराकरण हेतु वेतन आयोग के गठन की मांग की।

इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने और संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर समायोजित करने की मांग उठाई गई। ग्रेड-पे विसंगति सुधार, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया सरल बनाने और 70/80/90 प्रतिशत वेतन व्यवस्था समाप्त कर पूर्ण वेतन देने की भी मांग की गई।

भारतीय मजदूर संघ का ज्ञापन

भारतीय मजदूर संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सेवा सुरक्षा नीति बनाने और दैनिक वेतनभोगियों के स्थायीकरण की मांग की। आशा, उषा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित दर्जा देने तथा सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने की बात कही गई।

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संघ ने आशा पर्यवेक्षकों का मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग भी रखी।

कर्मचारियों में बढ़ता असंतोष

संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में भी ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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