भूख हड़ताल : जबलपुर। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पासआउट हुई B.Sc नर्सिंग छात्राएं अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के सामने प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने आरोप लगाया है कि 2023 में कोर्स पूरा करने के बाद भी उन्हें अब तक पोस्टिंग नहीं दी गई है, जबकि सरकार ने उन्हें 6 माह का बॉन्ड देकर सेवा की बात कही थी।
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धरने पर बैठी श्रद्धा शुक्ला और अन्य छात्राओं का कहना है कि, “हम तीन साल से पढ़ाई कर चुके हैं, 2023 में पास आउट हुए हैं, लेकिन अब तक कहीं नियुक्ति नहीं हुई। सरकार कहती है 6 महीने का बॉन्ड है, पर ना हमें हॉस्पिटल में बुलाया गया और ना ही कोई पत्र मिला। अब हम घर पर खाली बैठे हैं, नौकरी नहीं मिल रही। जब तक सरकार सुनवाई नहीं करती, हम भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे।”
छात्राओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन में करीब 29 छात्राएं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस पूरे मुद्दे पर मेडिकल कॉलेज के डीन नवनीत सक्सेना ने बताया, “यह समस्या सिर्फ जबलपुर की नहीं, पूरे मध्य प्रदेश की है। कहीं भी नर्सिंग सीट्स खाली नहीं हैं, जिससे पोस्टिंग नहीं हो पा रही है। सरकार इस विषय पर गंभीर है और संभवतः 15-20 दिन में कोई समाधान निकल सकता है।”
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छात्राओं की मांग है कि सरकार जल्दी से कोई ठोस फैसला ले, ताकि वे अपनी पढ़ाई के बाद घरों में बैठने की बजाय स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सकें। फिलहाल मेडिकल कॉलेज प्रबंधन छात्राओं की भूख हड़ताल पर नजर रखे हुए है, और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल सुविधा भी तैनात कर दी गई है।













