जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के डॉक्टरों ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर एक युवक की जान बचाई है। डॉक्टरों ने एक मानसिक रूप से बीमार युवक के पेट और आंत से ऑपरेशन कर हाथ घड़ी, नट-बोल्ट, तावीज और कई अन्य लोहे के टुकड़े निकाले।
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डेढ़ महीने से था भयंकर पेट दर्द
नागौर का रहने वाला सुभाष (मानसिक बीमारी से पीड़ित) डेढ़ महीने से भयंकर पेट दर्द से परेशान था। परिजन उसे SMS अस्पताल लाए। जांच में पता चला कि उसने हाथ घड़ी और अन्य खतरनाक वस्तुएं निगल ली हैं।
शुरुआत में डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी से इन वस्तुओं को निकालने की कोशिश की, लेकिन खाने की नली (इसोफेगस) में घड़ी एक ऐसी जगह फंसी थी कि प्रयास असफल रहे। डॉक्टरों के अनुसार, खाने की नली में घड़ी फंसने का यह पहला दुर्लभ मामला था।
4 घंटे चली ‘वीडियो असिस्टेड थोरेसिक सर्जरी’
मरीज की जान को संक्रमण से खतरे को देखते हुए, डॉक्टरों ने वीडियो असिस्टेड थोरेसिक सर्जरी (VATS) नामक उन्नत तकनीक का सहारा लिया।
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सर्जरी विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रभा ओम के नेतृत्व में 8 सीनियर डॉक्टरों की टीम ने करीब 4 घंटे तक यह जटिल ऑपरेशन किया। इस दौरान युवक के पेट और आंत से फंसी हुई सभी वस्तुएं सफलतापूर्वक निकाल ली गईं। टीम में डॉ. शालू गुप्ता, डॉ. फारूक, डॉ. प्रवीण जोशी, डॉ. अमित गोयल, डॉ. देवेन्द्र, डॉ. कंचन, डॉ. सुनील और डॉ. प्रतिभा शामिल थे।
डॉक्टरों ने बताया कि समय पर ऑपरेशन न होने पर मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इस सफल सर्जरी से युवक की जान को खतरा टल गया है।











