GI Tag Madhya Pradesh Farmers : भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की उपज को उचित मूल्य और वैश्विक पहचान दिलाने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। भोपाल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने प्रदेश के चावल को जीआई (GI) टैग न मिलने के लिए भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि यदि किसानों को उनका हक नहीं मिला, तो वे अनशन शुरू करेंगे।
‘पाकिस्तान को मिला टैग, भारतीय किसान वंचित’ दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश का चावल देश-विदेश में अपनी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते किसान इसका उचित लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने बताया, “मध्य प्रदेश में जो चावल लगभग 30 रुपये किलो बिकता है, वही अंतरराष्ट्रीय बाजार में 300 डॉलर (करीब 25,000 रुपये प्रति क्विंटल) तक बिकता है।” उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के समय जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसे 2016 में भाजपा सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने अपने चावल को जीआई टैग दिलवा लिया है, लेकिन भारत के किसान अब भी इससे वंचित हैं।
शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में चावल का उत्पादन भारी मात्रा में होता है, फिर भी वहां के किसान बदहाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवराज कृषि मंत्री के रूप में किसानों को न्याय दिलाने में विफल रहे हैं। उन्होंने खाद की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि किसान खाद के लिए लाठी-डंडे खाने को मजबूर हैं।
‘आखिरी सांस तक जारी रहेगी राजनीति’ अपने राजनीतिक संन्यास (रिटायरमेंट) की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कहा, “हल्ला तो होता रहता है, लेकिन मैं आखिरी सांस तक पार्टी और जनता के लिए काम करता रहूंगा।”
सरकार को चेतावनी दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया कि यदि मध्य प्रदेश के किसानों को जीआई टैग का लाभ जल्द नहीं मिला, तो वे अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति के लिए पूरी तरह से शिवराज सिंह चौहान और राज्य सरकार जिम्मेदार होगी।











