Tuesday, September 8, 2026
Home International P-5 Summit Iran-US Conflict : ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का नामोनिशान मिट चुका है’:...

P-5 Summit Iran-US Conflict : ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का नामोनिशान मिट चुका है’: ईरान-US संघर्ष के बीच रूस ने बुलाई P-5 देशों की आपात बैठक

P-5 Summit Iran-US Conflict : मॉस्को/तेहरान। ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों ने वैश्विक भू-राजनीति को हिलाकर रख दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए रूस ने अब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्रेमलिन ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय कानून अब केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जिसका जमीनी हकीकत में कोई वजूद नहीं बचा है।

‘कानून अब महज कागजी औपचारिकता’ रूसी राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक इंटरव्यू में तीखे शब्दों में कहा कि वैश्विक स्तर पर जो ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ की बात की जाती थी, वह अब ‘De Facto’ (वास्तविक रूप में) खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया में यह स्पष्ट नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय कानून आखिर है क्या। जब नियमों का पालन करने की कोई व्यवस्था ही नहीं बची, तो किसी से सिद्धांतों के पालन की उम्मीद करना बेमानी है।”

पुतिन के पुराने प्रस्ताव की वापसी बिगड़ते हालात को देखते हुए रूस ने अब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस पुराने प्रस्ताव को फिर से मेज पर रख दिया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (P-5 देशों: रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) की बैठक बुलाने की बात कही गई थी। पेसकोव ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इन पांचों शक्तियों का एक मंच पर आना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

अमेरिका से स्पष्टीकरण की मांग रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। लावरोव ने मांग की है कि अमेरिका दुनिया के सामने अपनी उन रणनीतिक योजनाओं को स्पष्ट करे, जिनकी वजह से पश्चिम एशिया में यह ‘अराजकता’ फैली है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह बताना होगा कि उसके हालिया कदम अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के साथ कैसे मेल खाते हैं।

आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता का खतरा रूस ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमले के परिणाम केवल युद्ध तक सीमित नहीं रहेंगे। क्रेमलिन का मानना है कि क्षेत्र में फैल रही यह अस्थिरता पूरी दुनिया के लिए गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट का कारण बन सकती है। रूस का यह रुख संकेत देता है कि वह अमेरिका के प्रभाव को चुनौती देने और खुद को एक ‘शांति निर्माता’ के रूप में स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here