Sagar Sharab Death Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इस घटना के बीच प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है।लापरवाही के आरोपों के बीच बंडा की SDM आरती यादव को हटा दिया गया है। उन्हें सागर कलेक्टर कार्यालय में अटैच किया गया है। उनकी जगह डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को बंडा SDM का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सागर जहरीली शराब कांड के बीच प्रशासनिक व्यवस्था में किए गए बदलाव के तहत संजय कुमार जैन को बंडा SDM की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि उनके पास शाहगढ़ का अतिरिक्त प्रभार भी बना रहेगा।इस फैसले के बाद अब बंडा क्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई और व्यवस्थाओं पर उनकी निगरानी रहेगी। वहीं आरती यादव को तत्काल प्रभाव से सागर कलेक्टर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
22 लोगों की मौत, 112 मरीजों का इलाज जारी
जहरीली शराब पीने के बाद बंडा क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। अब तक 22 लोगों की मौत होने की जानकारी है। वहीं 112 लोगों का इलाज सागर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।मरीजों की स्थिति और घटना के असर को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर लगातार नजर बनी हुई है।
30 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
सागर जहरीली शराब कांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में शराब ठेकेदार समेत कुल 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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शराब के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अवैध शराब के निर्माण से लेकर उसकी बिक्री और सप्लाई तक पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और इसके कारोबार से कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और कार्रवाई होने की संभावना बनी हुई है।
मौतों के बीच बढ़ा प्रशासनिक दबाव
लगातार हो रही मौतों और बड़ी संख्या में मरीजों के अस्पताल पहुंचने के बाद मामले ने प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया है। SDM को हटाने का फैसला इसी कार्रवाई की एक कड़ी माना जा रहा है।सागर जहरीली शराब कांड में अब पुलिस कार्रवाई के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिखाई दे रहा है। 22 मौतों और 112 मरीजों के इलाज के बीच अब सबसे बड़ा सवाल अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने का है।
आगे और कार्रवाई की संभावना
पुलिस की जांच जारी है और 14 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब उनके रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है। इससे अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।फिलहाल सागर जिले में जहरीली शराब से जुड़ा यह मामला लगातार गंभीर बना हुआ है। प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस जांच के अगले कदमों पर सभी की नजर रहेगी।






