Durg Crime : दुर्ग : दुर्ग जिले में पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक राज्यस्तरीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की कुल 31 बाइक बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 31 लाख रुपये बताई जा रही है।
Durg Crime : मुख्य आरोपी ई. पापा राव, जो भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक है और पोकलेन मशीन का हाइड्रोलिक मैकेनिक रहा है, इस गिरोह का सरगना बताया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह विशेष रूप से होंडा साइन बाइक को निशाना बनाता था, क्योंकि उसका लॉक तोड़ना उसके लिए आसान था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बाइक चोरी कर उन्हें जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र में अपने सहयोगियों के माध्यम से बेचता था।
Durg Crime : जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने रायपुर में लगभग 30 लाख रुपये का मकान बनाया है। घर के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए उसने बाइक चोरी का रास्ता अपनाया। उसके बच्चे शहर के बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं। आरोपी शारीरिक रूप से एक पैर से कमजोर है और इसी का फायदा उठाकर वह वारदात को अंजाम देकर संदेह से बचने की कोशिश करता था। वह पिछले डेढ़ साल से चोरी की घटनाओं में सक्रिय था।
Durg Crime : भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में वर्ष 2024 से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। विशेष रूप से बीएसपी मुख्य गेट स्थित पार्किंग और भिलाई-भट्टी क्षेत्र को निशाना बनाया जा रहा था। थाना भिलाई नगर में दर्ज मामलों की समीक्षा, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
Durg Crime : गिरफ्तार अन्य आरोपियों में मनोज राम और राम सेवक प्रजापति उर्फ रवि शामिल हैं, जो जशपुर जिले के कुनकुरी के निवासी हैं। चोरी की गाड़ियों को ये लोग आगे खपाने का काम करते थे।
Durg Crime : बरामद 31 वाहनों में भिलाई-भट्टी क्षेत्र की 13, छावनी थाना क्षेत्र की 3, रायपुर क्षेत्र की 2 और अन्य बिना पंजीयन दस्तावेज वाले वाहन शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश जारी है।
Durg Crime : कार्रवाई में थाना भिलाई नगर प्रभारी, थाना स्टाफ, साइबर सेल और विशेष जांच दल की अहम भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर लॉक कर खड़ा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।











